अतीत को भुलाना चाहेगी भारतीय हॉकी टीम

Anugrah Mishra
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भारत और पाकिस्तान एक बार फिर खेल के मैदान में आमने-सामने होगें. ये मुकाबला क्रिकेट का नहीं बल्कि देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी का होगा, जहां नीली घास पर दोनों टीमें अपना जौहर दिखाएंगी.

इंचियान में ज़ारी 17वें एशियाड में भारत की पुरुष हॉकी टीम गुरुवार को पाकिस्तान के साथ खिताबी भिड़ंत में उतरेगी. हालांकि दोनों टीमों के बीच हुए लीग मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 2-1 से शिकस्त दी थी. भारत ने मंगलवार को हुए मैच में मेज़बान दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराकर फाइनल मुकाबले का टिकट हासिल किया है.

वैसे अगर एशियन खेलों में भारत और पाकिस्तान की टीमों के आंकड़ों को देखा जाए तो भारत पर पाकिस्तान का पलड़ा भारी रहा है. भारत ने पुरुष हॉकी में अब तक सिर्फ़ दो बार स्वर्ण पदक जीता है जबकि पाकिस्तान आठ बार एशियन खेलों का विजेता रह चुका है.

भारत ने 1966 और 1998 में आयोजित बैंकॉक एशियन खेलों में स्वर्ण पदक जीता है. पाकिस्तान ने 1958 में टोक्यो, 1962 में जकार्ता, 1982 के दिल्ली एशियन खेलों समेत कुल आठ बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. पाकिस्तान 2010 के गुआंगझू खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर मौजूदा चैपिंयन भी बना हुआ है.

भारत और पाकिस्तान एशियन खेलों में सात बार फाइनल मुकाबले में भिड़ चुके हैं. जिसमें पाकिस्तान को छह बार जीत हासिल हुई है जबकि भारत सिर्फ एक बार पाकिस्तान को शिकस्त देने में कामयाब रहा है.

दोनों टीमों के आंकड़ों में एक तथ्य अहम है और रोचक भी, वो ये कि भारत को पाकिस्तान से फाइलन में सबसे बड़ी हार 1982 के दिल्ली एशियाड में अपने घरेलू मैदान पर ही मिली है. जहां पाकिस्तान ने भारत को 7-1 से करारी शिकस्त दी थी.

2002 के बुसान एशियन खेलों में दक्षिण कोरिया से हारने के बाद भारत के पास दोबारा 12 साल पहले की गलती सुधारने का मौका होगा. इंचियोन खेलों में भारत सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर बाहर का रास्ता दिखा ही चुका है. लेकिन अब बारी अपने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान की है.

भारत-पाक के मुकाबले में लड़ाई सिर्फ पदक की नहीं है. दोनों देश जब भी आमने-सामने होते हैं तो माहौल मैच से कहीं ज्यादा जज़्बाती नजर आता है. एक ओर पाकिस्तान की टीम इंचियान एशियाड में स्वर्ण पदक जीतकर एशियन खेलों में अपनी बादशाहत बरकरार करना चाहेगी तो वहीं भारतीय खेमा भी इस मुकाबले में पुराना हिसाब बराबर करने उतरेगा. इंचियान में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को 2016 के रियो ओलंपिक खेलों सीधे में प्रवेश मिल जाएगा. ऐसे में दोनों टीमों की नज़रें मैच जीतकर अोलंपिक में सीधे प्रवेश करने पर भी टिकी होगीं.