अपने आदर्श के सम्मान में नत हुए ओबामा

SansadTV Bureau

obama4वो अपने भाषणों में गांधी का ज़िक्र करते रहे हैं. गांधी उनके लिए आदर्श हैं और उनके आदर्श के भी आदर्श रहे हैं. ओबामा का गांधी के प्रति सम्मान उनके भाषणों, बातों से कई बार झलकता रहा है.

मार्टिन लूथर किंग के बताए रास्ते पर चलने वाले ओबामा के लिए रविवार 25 जनवरी का दिन ख़ासा अहम है.

अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आए ओबामा रविवार को महात्मा गांधी की दिल्ली स्थित समाधि, राजघाट पहुंचे और उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए.

बराक ओबामा नें फूलों का पुष्पचक्र समाधि पर रखा और कुछ क्षणों के लिए निःशब्द समाधि के सामने खड़े रहे.

उनकी आंखों में बापू के लिए श्रद्धा थी. मन में कई तरह के मिश्रित भाव थे जहाँ एक ओर गांधी के व्यक्तित्व की विशालता थी तो दूसरी ओर अपने आदर्श के समक्ष उपस्थित होने का एहसास.

मन में जहाँ एक ओर कर्तव्यबोध और गांधी के बताए रास्ते का ध्यान रहा होगा वहीं गांधी समाधि के चुंबकत्व में प्रेरणा और साहस भी मिला होगा.

obama6इसे कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि गांधी की समाधि के सामने खड़े होकर और उसे साक्षात सामने पाते हुए ओबामा अपने जीवन में एक अविस्मरणीय और महत्वपूर्ण अवसर से रूबरू रहे होंगे.

गांधी का व्यक्तित्व और जीवन ओबामा के निजी और राजनीतिक-सामाजिक पहलुओं के लिए अहम है. ऐसे में गांधी समाधि पर उनकी उपस्थिति और भी अहम हो जाती है.

दरअसल, यह महात्मा गांधी के आकाश जैसे विशाल व्यक्तित्व का हिस्सा ही है कि दुनिया के कई मुल्कों के नेता अलग-अलग समय में भी गांधी की प्रासंगिकता और महत्व को स्वीकारते और दोहराते रहे हैं.

युद्ध और हिंसा के रोज़ नए अध्यायों का साक्षी होते विश्व के लिए गांधी का जीवन और मूल्य बहुत अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं. इसलिए भी गांधी की समाधि पर ओबामा का पहुंचना एक अविस्मरणीय और प्रेरणापद पक्ष है.