अशरफ गनी से मिले नरेंद्र मोदी, अफगान संसद का किया उद्घाटन

RSTV Bureau

ModiandAshrafरूस दौरे से शुक्रवार तड़के अफगानिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काबुल में राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने काबुल में भारत की मदद से बनी अफगानिस्तान संसद की नई इमारत का उद्घाटन किया। अफगानिस्तान संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की मदद करता रहेगा। उन्होंने कहा कि “अफगानिस्तान तभी सफल हो सकता है जब सीमापार से आतंकवाद का प्रवाह नहीं होगा। आतंकवाद और हिंसा अफगानिस्तान के भविष्य को आकार देने या यहां के लोगों की पसंद तय करने का माध्यम नहीं हो सकते।’

अफगानिस्तान की संसद को नरेंद्र मोदी ने करीब 40 मिनट तक संबोधित किया। अफगानिस्तान में भारत की सहभागिता पर पाकिस्तान के एतराज का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं जो हमें यहां नहीं देखना चाहते हैं। ये ऐसे लोग हैं जो यहां हमारी मौजूदगी के पीछे नापाक इरादा देखते हैं। कुछ दूसरे लोग भी हैं जो हमारी सहभागिता की ताकत से असहज महसूस करते हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत पर भरोसा करने के लिए अफगानिस्तान की काफी तारीफ की। उन्होंने कहा कि आपने हमारी दोस्ती की ताकत और प्रतिबद्धता पर कभी संदेह नहीं किया और आपने हमारे गठजोड़ का लाभ देखा है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप जानते हैं कि भारत यहां योगदान करने के लिए है, प्रतिस्पर्धा करने के लिए नहीं, भविष्य का आधार रखने के लिए है, संघर्ष बढ़ाने के लिए नहीं।

nmodiandashrafप्रधानमंत्री ने कहा कि “ जिरगा की परंपरा में निष्ठा रखने वाले अफगानिस्तान ने चुनौतियों के बावजूद लोकतंत्र को चुना है। महान अफगानिस्तान के लोगों ने अदम्य साहस के साथ संघर्ष करते हुए बंदूक और हिंसा के बजाय वोट और चर्चा के जरिये अपने भविष्य को आकार देने का संकल्प लिया है।“ उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि वह दिन जल्द आयेगा जब मध्य एशिया की ऊर्जा हमारे क्षेत्र को समृद्ध बनायेगी।

भारत सरकार ने युद्ध पीड़ित अफगानिस्तान से दोस्ती और एकजुटता दिखाने के लिए यहां संसद की नई इमारत बनाने का काम 2007 में शुरू किया था। इसके निर्माण में करीब 9 करोड़ डॉलर का खर्च आया है। प्रधानमंत्री ने अफगान संसद के परिसर में अटल ब्लॉक का भी उद्घाटन किया।

इससे पहले रूस दौरा पूरा करके काबुल पहुंचे प्रधानमंत्री की अफगानिस्तान के एनएसए ने एयरपोर्ट पर अगवानी की। इसके बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने औपचारिक तौर पर उनका भव्य स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात में आपसी सहयोग और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई।