प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी

RSTV Bureau

modi_primeminister465नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के 15वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली. राष्ट्रपति भवन में शाम 6 बजे एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मोदी के साथ कई अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली.

नरेंद्र मोदी के साथ राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वेंकैया नायडु आदि वरिष्ठ नेताओं ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली.

शपथ ग्रहण से पहले नरेंद्र मोदी ने आज सुबह राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया.

मोदी की ताजपोशी में करीब चार हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया जिनमें सार्क देशों राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल हैं.

शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने के लिए सोमवार सुबह से ही दक्षिण एशिया के कई बड़े नेता दिल्ली पहुंचने लगे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भी अपने शिष्टमंडल के साथ सोमवार सुबह दिल्ली पहुंचे और शपथ ग्रहण में शामिल हुए.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के अलावा श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगूलम, नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला, अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई, भूटान के प्रधानमंत्री ल्योनचेन शेरिंग और बांग्लादेश की स्पीकर शिरीन चौधरी ने भी समारोह में हिस्सा लिया.

पहली बार देश के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों की राष्ट्राध्यक्षों के न्यौता भेजा गया. शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति की ओर से विदेश से आए मेहमान और सरकार के वरिष्ठ नेताओं के लिए रात्रि-भोज का भी ख़ास इस्तेज़ाम किया गया है. राष्ट्रपति की ओर से आहूत यह भोज विशिष्ट है और इसमें केवल 30 विशिष्ट अतिथियों को ही आमंत्रित किया गया है.

नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हुए. इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस समारोह में शिरकत करने पहुंचे.

कड़ी सुरक्षा

राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए.

24 और 25 मई के राष्ट्रपति भवन आम जनता के लिए बंद कर दिया गया था. इसी के साथ ही सोमवार दोपहर एक बजे के बाद आस-पास के सभी सरकारी दफ्तरों के बंद कराने के भी आदेश हैं.

वीवीआईपी मूवमेंट के चलते राष्ट्रपति भवन के आस-पास के रास्तों को भी जन साधारण के लिए बंद कर दिया गया है.

16 मई को लोकसभा चुनावों में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद 1 जून से 16वीं लोकसभा का गठन होना हैं. ऐसे में देश के प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट पर पूरे देश की जनता के साथ ही विश्व समुदाय की भी नजर टिकी हुई है.