आयुर्वेद विधेयक (शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान), 2020 संसद में पारित

Sandeep Yash
Monsoon Session of Parliament, 2020

Monsoon Session of Parliament, 2020

आयुर्वेद विधेयक 2020 (The Institute of Teaching and Research in Ayurveda Bill 2020) को राज्यसभा ने 16 सितंबर को पारित कर दिया गया।  ये विधेयक 10 फरवरी, 2020 को राज्य मंत्री (आयुष) श्रीपाद येसो नाइक ने लोकसभा में पेश किया जिसे सदन ने 19 मार्च को पारित किया । इसके ज़रिये तीन आयुर्वेद संस्थानों का विलय कर एक विशिष्ट संस्थान बनाने की बात कही गयी है जिसे ”राष्ट्रीय महत्व का संस्थान” (Institution of National Importance) का दर्ज़ा मिलेगा।

देखते हैं इस विधेयक की खासियतें

इन आयुर्वेद संस्थानों का विलय होगा
1. इंस्टिट्यूट फॉर पोस्ट ग्रेजुएट टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद
2. श्री गुलाब कुंवरबा आयुर्वेद महाविद्यालय
3. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिकल साइंसेज

दशकों पुराने ये संस्थान अभी गुजरात आयुर्वेद विश्विद्यालय, जामनगर का हिस्सा हैं और विलय के बाद ये स्वास्थवृत्त विभाग, इंस्टिट्यूट ऑफ़ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (ITRA) का भाग बन जायेंगे।

ITRA की संरचना ऐसी होगी
विधेयक के मुताबिक़ संस्थान में 15 सदस्य होंगे।
(i) आयुष मंत्री (ii) आयुष मंत्रालय के सचिव और तकनीकी प्रमुख (iii) सचिव, स्वास्थ्य विभाग, गुजरात सरकार (iv) संस्थान के निदेशक (v) महानिदेशक, केंद्रीय अनुसंधान परिषद (vi) शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान से जुड़े तीन विशेषज्ञ (vii) संसद के तीन सदस्य।

(IPGTRA) इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद, जामनगर के निदेशक इस संस्थान के पहले मुखिया होंगे। इसके अलावा संस्थान के सुचारु संचालन के लिए एक शासी निकाय (Governing Body) भी होगा।

ITRA के उद्देश्य
(i) आयुर्वेद और फार्मेसी चिकित्सा शिक्षण के पैटर्न को विकसित करना
(ii) आयुर्वेद से जुड़े पेशेवरों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करना
(iii) स्नातकोत्तर शिक्षा में आत्मनिर्भरता प्राप्त कर विशेषज्ञों और चिकित्सा शिक्षकों की कमी को पूरा करना
(iv) आयुर्वेद के क्षेत्र में गहन अध्ययन और शोध को प्रोत्साहित करना

ITRA के ज़िम्मे ये काम होंगे
(i)  फार्मेसी, स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षण की व्यवस्था करना
(ii) स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए पाठ्यक्रम तय करना
(iii) आयुर्वेद की विभिन्न शाखाओं में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना, व्यवस्था बनाना
(iv) परीक्षाएं आयोजित करना, डिग्री, डिप्लोमा और अन्य उपाधियाँ देना
(v) नर्सों और फार्मासिस्टों के लिए व्यवस्थित कॉलेज और अस्पताल सुनिश्चित करना

संस्थान के खर्च केंद्र सरकार के फण्ड,  फीस और अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि से पूरे किये जायेंगे। इसके खातों की ऑडिट CAG द्वारा की जाएगी।

ITRA, आयुष क्षेत्र में Institution of National Importance का दर्ज़ा प्राप्त करने वाला पहला संस्थान होगा। जिससे संस्थान को पाठ्यक्रम सामग्री और शिक्षण प्रबंधन में जरूरी बदलाव और नया करने की स्वतंत्रता होगी। आज कोविड काल में दुनिया पारंपरिक ज्ञान में समाधानों ढूंढ रही है। जानकारों के मुताबिक़, ऐसे समय में ये विधेयक, ITRA जैसी संस्थाओं के माध्यम से आयुर्वेद शिक्षा को नयी उंचाईयों पर ले जायेगा।