आयुष्मान भव

Sandeep Yash
PM-JAY

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आज आयुष्मान भारत -(PMJAY) योजना के दो बरस पूरे हुए हैं। 23 सितंबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसे झारखंड के रांची में औपचारिक तौर पर शुरू किया गया था।  पर ये योजना 25 सितम्बर को दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से अमल में आयी। आयुष्मान भारत, दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है। इसका मक़सद भारत के 40 % सबसे गरीब नागरिकों को 5 लाख रुपयों तक के इलाज की मुफ्त सुविधा मुहैय्या कराना है। अभी ये संख्या लगभग 53 करोड़ है। .

इसी बरस 20 मई को लाभार्थी परिवारों की संख्या 1 करोड़ पार कर गयी जिसमें सरकार ने 13, 400 करोड़ खर्च किये थे। ये संख्या सिंगापुर और नॉर्वे जैसे देशों की जनसँख्या से दोगुनी है। अपने ”मन की बात” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता का श्रेय ईमानदार करदाताओं को दिया था। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना असल में उन नागरिकों के लिए है जिनकी उम्र इलाज के पैसे जुटाने में ही बीत जाया करती थी।

22 सितम्बर, 2020 तक इस योजना का सफर ऐसा रहा

– अस्पतालों की संख्या :  22,796

– ई-कार्ड बने : 7,82,75,923

– अस्पताल में दाखिल मरीज : 1,08,99,888

–  दावों की संख्या : 65,51,993

– दावों के एवज़ में अदा राशि : 75,64,21,47,554 रू
(स्त्रोत: NHA – PMJAY)

देखते हैं इससे जुड़ी कुछ ख़ास बातें

– डिजिटल हेल्थ और टेलीमेडिसिन का साथ आयुष्मान भारत, देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को लक्षित दिशा में ले जा रहे हैं

–  पोर्टेब्लिटी की सुविधा आयुष्मान भारत योजना का एहम हिस्सा है। कोविद काल में ये सुविधा लक्षित तबके के लिए वरदान साबित हुई है। अब प्रवासी श्रमिक और उनके परिवार देश भर में कहीं भी मान्य प्राप्त हस्पताल में इलाज करा सकते हैं। अभी मई में उभरी 1 करोड़ लाभार्थियों की संख्या में करीब 1 लाख श्रमिकों ने इस सुविधा का लाभ लिया था

–  आम लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए ”Ask Ayushman’ WhatsApp चैटबॉट (9868914555) लांच किया गया है

–  इस योजना के तहत एक कोविड हेल्पलाइन (1075) भी चलायी जा रही है जिससे 400 प्रशिक्षित एजेंट्स जुड़े हैं

–  अब तक लगभग 3 हज़ार लोग कोविड परीक्षण के लिए इस योजना का इस्तेमाल कर चुके हैं

–   इसी बरस अप्रैल में कोविड महामारी के परीक्षण और इलाज के लिए NHA ने 6 विशेष पैकेज की घोषणा की है।  हालांकि, PM – JAY लाभार्थियों के लिए
कोविड परीक्षण मुफ्त है

–   PM – JAY के तहत जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसमें मशहूर शख्सियतें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से परीक्षण एवं इलाज प्रोटोकॉल,
हेल्पलाइन, मिथकों और छुआ छूत के खिलाफ सन्देश दे रही हैं।

–  21 अप्रैल से मिल रहे आरोग्य सेतु डाटा प्रबंधन के लिए NHA ने 1400 अनुभवी टेलेकलर्स और 300 डॉक्टर्स की टीम बनायीं है।

–  NHA के नियमित सूचना तंत्र में नीति आयोग,ICDC, NICD, स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य स्वास्थ्य एजेंसीज शामिल हैं

–  अब तक इस योजना में शामिल अस्पतालों में 58 % निजी क्षेत्र से हैं

–  तमाम नए निजी अस्पतालों को PM – JAY से जोड़ने का अभियान चल रहा है ताकि कैंसर और हृदयरोग जैसी गंभीर बीमारियों से निबटा जा सके

–  PM-JAY योजना बिना वयस्क पुरुष सदस्यों वाले परिवार को वरीयता देती है। इसके पेपरलेस और कैशलेस होने से बड़ी संख्या में महिलाओं को मदद
मिल रही है।

–  अस्पतालों में मौजूद प्रधानमंत्री आयुष्मान मित्र, लाभार्थियों की पहचान और मदद में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

– इस योजना के तहत 1,393 स्वास्थ्य लाभ पैकेज है।  इनमें 116 महिलाओं के लिए, 64 पुरुषों के लिए और 1,213 दोनों के लिए हैं

– आकड़ों के मुताबिक़, इस योजना का लाभ स्त्री और पुरुष – दोनों को बराबर मिल रहा है

– महिलाएं न केवल इस योजना की लाभार्थी हैं, बल्कि उस टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो स्वास्थ्य सेवाएं देश भर में पंहुचा रही हैं।

– गुणवत्ता नियंत्रण, अनुसंधान, आईटी, भुगतान तंत्र सुरक्षा और धोखाधड़ी नियंत्रण जैसे मुद्दों पर NHA और इंग्लैंड संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं

– आयुष्मान भारत – PM-JAY को सफल इ -गवर्नेंस के लिए 2019 -2020 का स्वर्ण पुरस्कार मिला है

– अब इस योजना के तहत गरीबों के लिए एकल डायलिसिस केंद्र बनाये भी जा रहे हैं

भविष्य में मोदी सरकार, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के विलय का मन बना रही है ताकि कम से कम 75% आबादी को इसका लाभ मिल सके।

प्रधानमंत्री के मुताबिक़, भारतीय नागरिक हर बरस लगभग 14000 करोड़ रुपये अपनी जेब से सिर्फ इलाज पर खर्च करते हैं। महँगे इलाज के चलते करीब 6 करोड़ लोग हर बरस गरीबी की रेखा के नीचे चले जाते हैं।  आयुष्मान भारत योजना इस देश के गरीबों के लिए संजीवनी सामान है। आज देश के हर प्रान्त में ऐसे परिवार मौजूद हैं जिनको इस योजना ने नया जीवन दिया है।  इसे  ”मोदीकेयर’ यूँ ही नहीं कहा जाता है।