आसमान से आग बरस रही हो जैसे

RSTV Bureau

summer_delhiमानसून की देरी ने राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत को भीषण गर्मी के आग़ोश में ले लिया है. उत्तर भारत के राजस्थान से लेकर पूर्वोत्तर के बिहार झारखंड तक हर जगह आसमान से अंगारे बरस रहे है.

हाल के कुछ दिनों में जहां एक तरफ राजस्थान के चुरु में अधिकतम तापमान 48.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो वहीं दूसरी तरफ बुंदेलखंड में भी रविवार को पारा 48 डिग्री सेल्सियस पर ही बना रहा.

पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाके इस समय गर्मी की आग में झुलस रहे है. उत्तराखंड और हिमाचल के कई अंचलों में गर्मी को लेकर लोगों की टिप्पणियों में आश्चर्य और चिंता के साथ जलवायु परिवर्तन जैसे शब्द शामिल सुनाई देते हैं.

उत्तर प्रदेश के उरई जिले में सोमवार का तापमान 49 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. भीषण गर्मी की तपिश ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने पर मजबूर दिया है, दोपहर के वक्त सड़कें सूनी हो जा रही हैं.

मानसून की घटती रफ्तार और कमज़ोर रहने की भविष्यवाणियों के बीच उत्तर भारतीयों को अभी कुछ और दिन तक इस भीषण गर्मी से तर-बतर होना पड़ेगा.

कमज़ोर मानसून

जहां तक मानसून की बात है तो इसकी शुरुआत 18 मई से ही अंडमान-निकोबार से हो गई थी, लेकिन इसके बाद मानसून की गति मानों ठहर सी हई है.

आमतौर पर केरल में मानसून एक जून के आसपास पहुंच जाता है लेकिन इस बार वहां भी मानसून 6 जून तक पहुंचा, इसके बाद तमिलनाडु के कई इलाकों में भी मानसून की हल्की हवाओं ने दस्तक दी.

मौसम विभाग की माने तो पूर्वोत्तर भातर में 10 जून तक मानसून कमज़ोर हवाओं के साथ दस्तक दे सकता है. गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड में जून के तीसरे हफ्ते में मानसून पहुंचने की संभावना है.

आमतौर पर राजस्थान में 15 जुलाई तक मानसून आ जाता है, लेकिन इस बार यहां भी मानसून देर से पहुंचने के आसार नज़र आ रहे है. मानसून की देरी और लू के थपेड़ों ने जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी जम्मू तक को अपनी चपेट में ले लिया है. सोमवार को जम्मू का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया.

बिजली का संकट

चिलचिलाती गर्मी के साथ-साथ बेतहाशा बिजली कटौती ने लोगों की ज़िंदगी को और बेहाल कर दिया है.

राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में ज़बरदस्त बिजली कटौती से लोग बुरी तरह त्रस्त हो चुके है.

पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में 12 से 15 घंटे की बिजली कटौती हो रही है.

बेतहाशा बिजली कटौती पर सरकार किसी भी तरह से नियंत्रण कर पाने में असमर्थ दिख रही है.

बिजली की इस जर्जर व्यवस्था को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि पुरे उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का तंत्र चरमरा गया है.