उपराष्ट्रपति के रूप में श्री एम वेंकैया नायडू के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर उपराष्ट्रपति सचिवालय द्वारा ई बुक जारी की गई

SansadTV Bureau
The Vice President & Chairman, Rajya Sabha, Shri M. Venkaiah Naidu

देश के उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति के रूप में अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संसद परिसर में वृक्षारोपण करते श्री एम वेंकैया नायडु

श्री एम वेंकैया नायडू ने देश के उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति के रूप में आज अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूर्ण किए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सचिवालय ने विगत एक वर्ष में उपराष्ट्रपति के कार्यक्रमों और सरोकारों पर एक फ्लिप बुक जारी की। विभिन्न भाषाओं में जारी इस ई बुक में बताया गया है कि इस अवधि में उपराष्ट्रपति ने प्रत्यक्षतः या वर्चुअल माध्यम से देश भर के 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न स्थानों पर आयोजित, 22 उद्घाटन समारोहों सहित, 133 कार्यक्रमों में भाग लिया। विगत एक वर्ष में श्री नायडू ने 53 व्याख्यान/ संबोधन भी किए और 23 पुस्तकों का विमोचन किया। इसी अवधि में उन्होंने 21 संस्थानों का दौरा किया और 7 दीक्षांत समारोहों को संबोधित किया। श्री नायडू ने 4 सम्मान समारोहों में भाग लिया और 3 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।

पिछला वर्ष कठिनाइयों से भरा हुआ रहा, कोविड 19 महामारी ने विश्व भर में जीवन और जीविका को प्रभावित किया। श्री नायडू ने फेसबुक पोस्ट और लेखों के माध्यम से इस स्वास्थ्य आपदा पर अपने विचार रखे और लोगों को आशा और हौंसला बनाए रखने का संदेश देते रहे। इस अभूतपूर्व महामारी के दौरान वे लोगों को आश्वस्त करते रहे। अपने लेखों और सोशल मीडिया पर अपनी पोस्टों के माध्यम से वे अग्रिम पंक्ति के कोविड योद्धाओं के योगदान का अभिनंदन करते रहे तथा जनता से कोविड के विरुद्ध सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का आग्रह करते रहे। श्री नायडू, शुरुआत में ही टीका लगवाने वाले कुछ व्यक्तियों में से एक थे और वे लोगों से टीके के खिलाफ झिझक को त्यागने की अपील भी करते रहे हैं। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के संयंत्र का दौरा करते हुए उन्होंने स्वदेशी कोविड वैक्सीन विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की।

साहस और विश्वास की गाथाओं को याद करते हुए श्री नायडू ने स्वाधीनता संग्राम की 26 प्राय: अनजान वीरांगनाओं तथा अंडमान के सेल्यूलर जेल में बंदी रहे प्राय: अनकहे 10 क्रांतिकारियों के शौर्य पर फेसबुक श्रृंखला लिखीं। इस वर्ष अप्रैल में उन्होंने, “आज़ादी के अमृत महोत्सव” के अंतर्गत ऐतिहासिक दांडी यात्रा की स्मृति में निकाली गई 25 दिवसीय दांडी पदयात्रा के समापन समारोह को दांडी में सम्बोधित किया और हमारे देश के अंतर्निहित साझा सामर्थ्य को याद किया।

उपराष्ट्रपति भारतीय भाषाओं के प्रबल समर्थक के रूप में जाने जाते हैं। विगत एक वर्ष में उन्होंने हर मंच से इस महत्वपूर्ण विषय को उठाया है। अंतर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के अवसर पर उन्होंने 22 भारतीय भाषाओं में ट्वीट किए तथा मातृ भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए, 24 स्थानीय भाषाई समाचार पत्रों में लेख लिखे। उन्होंने सभी सांसदों को उनकी मातृ भाषा में पत्र लिख कर उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए सार्थक प्रयास करने का आग्रह किया। एक नई शुरुआत के रूप में, उपराष्ट्रपति ने इस वर्ष पारंपरिक भारतीय नव वर्ष के अवसर पर सभी सांसदों को उनकी मातृ भाषा में शुभकामना संदेश भेजे। जब AICTE ने व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया तब उपराष्ट्रपति ने इस निर्णय की सराहना की तथा व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की जरूरत के पक्ष में 24 भारतीय भाषाओं में 33 स्थानीय भाषाई अखबारों में लेख लिखे।

अपनी अंतर्निहित क्षमताओं से जुड़ने की ज़रूरत पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व को रेखांकित किया है और कोविड 19 महामारी के बावजूद देश में खाद्यान्न का रिकॉर्ड उद्पादन करने के लिए भारत के किसानों का अभिनंदन किया है। उन्होंने कई वैज्ञानिक संस्थानों जैसे CREST, डा. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स, CCMB, IIT, मद्रास का दौरा किया तथा शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में हो रही नवीनतम प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल -2020 के समापन सत्र को भी संबोधित किया।

अपने राजनयिक दायित्वों के क्रम में उपराष्ट्रपति ने शंघाई सहयोग संगठन के शासनाध्यक्षों की परिषद की 19वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बहरीन के माननीय विदेश मंत्री डा. अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल जा़यानी तथा अंतर संसदीय संघ (IPU) के माननीय अध्यक्ष श्री दुआरते पचेको से उपराष्ट्रपति निवास पर भेंट की।

राज्य सभा के सभापति के रूप में श्री नायडू देश में संसदीय लोकतंत्र को और सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष के साथ उन्होंने कोविड 19 महामारी के दौरान संसद की कार्यवाही को सुचारु रुप से जारी रखने के लिए विशेष प्रबंध किए। फलस्वरूप, राज्य सभा की उत्पादकता, 2017-18 में 48.17% से बढ़ कर 2020-21 में, 2021 के बजट सत्र तक, 95.82% तक पहुंच गई। 2020-21 में राज्य सभा द्वारा 44 विधेयक पारित किए गए जो कि विगत चार वर्षों में सर्वाधिक है। राज्य सभा की आठ समितियों ने 74 रिपोर्टें प्रस्तुत कीं, ये संख्या भी विगत चार वर्षों में सर्वाधिक है।

श्री एम वेंकैया नायडू के नेतृत्व में ,राज्य सभा के आधिकारिक टीवी चैनल, RSTV ने नई ऊंचाईयां हासिल की हैं। गत चार वर्षों में RSTV के यूट्यूब चैनल के सबस्क्राइबरों की संख्या 5 लाख से बढ़ कर 59 लाख तक पहुंच गई। राज्य सभा के सभापति द्वारा गठित एक समिति के बाद, राज्य सभा टेलीविजन (RSTV) तथा लोक सभा टेलीविजन (LSTV) को जोड़ कर एक नया चैनल SANSAD TV आकार ले रहा है।

इस अवसर पर माननीय उपराष्ट्रपति ने संसद भवन के लॉन ने पौधरोपण भी किया।