एशियाड में भारत के ‘सुनहरे’ पल

Anugrah Mishra

hockey_asianभारत-पाकिस्तान के बीच हॉकी फाइलन मैच का इससे रोमांचक अंत शायद ही कोई दूसरा होता. मैच के पेनल्टी शूट आउट में जाने से रोमांच अपने चरम पर आ पहुंचा. हर एक पेनल्टी शूट के साथ खेल प्रेमियों की धड़कने जैसे थम सी गईं. आखिर में ये बेहद रोमांचक मैच भारत के नाम रहा. भारत ने इस मुकाबले को 4-2 से जीतकर 16 साल बाद एशियाड में स्वर्ण पदक जीता. अब भारत सीधे 2016 के रियो ओलंपिक में भाग ले सकेगा, जहां उसके लिए क्वालिफाई कर पाना भी मुश्किल था. 1982 के दिल्ली एशियाड में भारत की करारी हार को इस जीत से मरहम मिल गया.

हॉकी का ये मैच 17वें एशियाड में भारत के सफ़र की बानगी भर था. इंचियोन एशियाड में ऐसे कई और लम्हे भी आए जब राष्ट्रगान की धुन से हर एक भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो गया. एथलेटिक्स में पदक जीतना भारत के लिए हमेशा से मुश्किल भरा होता है लेकिन भारत ने इस बार उस मुश्किल से भी पार पा ली. डिस्कस थ्रो भारत की सीमा पुनिया ने में स्वर्ण पदक जीता. सीमा पिछले दो एशियन खेलों में हिस्सा नहीं ले पाईं थीं ऐसे में एशियाड का ये स्वर्ण उनके लिए बेहद ख़ास रहा.

कई नामचीन खिलाड़ियों की ग़ैर मौजूदगी के बावजूद भारत इन खेलों में औसत से बेहतर प्रदर्शन कर सका. मुक्केबाजी में मैरी कॉम ने देश को स्वर्ण पदक दिलाया. इस पदक के साथ मैरी कॉम एशियाड में स्वर्ण जीतने वाली देश की पहली महिला मुक्केबाज़ बन गईं. लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पांच बार विश्व चैंपियन रह चुकी हैं.

जीतू राय के रूप में देश को नया शूटिंग सितारा मिल चुका है. ग्लासगो राष्ट्रमंडल में स्वर्ण जीतने वाले जीतू राय का बेहतरीन प्रदर्शन यहां भी जारी रहा. इंचियोन एशियाड में पहला स्वर्ण जीतू की पिस्टल से ही निकला. जीतू, रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले भारतीय निशानेबाज हैं. जीतू के लिए साल 2014 पदकों के लिहाज से काफी अहम रहा. जीतू इस साल म्यूनिख़ विश्व कप में रजत पदक, मारीबोर विश्व कप में स्वर्ण और रजत जीत चुके हैं. ग्लासगो कॉमनवेल्थ में सोना जीतने के बाद स्पेन के ग्रेनाडा विश्व चैंपियनशिप में जीतू ने रजत पदक हासिल किया.

टेनिस के मिश्रित युगल मुकाबले में सानिया मिर्जा और साकेत मिनेनी का स्वर्ण पदक भी देश के लिए खास रहा. सानिया मिर्जा ने पहले इंचियोन एशियाड में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया था, लेकिन बाद में सानिया ने एशियन खेलों में हिस्सा लिया. टेनिस में भारत की ओर से सोमदेव देवबर्मन, लिएंडर पेस, रोहन बोपन्ना जैसे नामचीन खिलाड़ियों ने भी खुद को इंचियोन एशियाड से दूर रखा.

कुश्ती के पहलवान योगेश्वर दत्त ने अपनी जाबांजी का प्रदर्शन किया और स्वर्ण पर जीता. योगेश्वर ने 28 साल बाद एशियाड में देश को स्वर्ण दिलाया. इस बार देश के स्टार रेसलर सुशील कुमार की गैर मौजूदगी में योगेश्वर के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी थी. लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर ने फाइनल मुकाबले में ताजिकिस्तान के पहलवान को 3-0 से पटखनी दी.

भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने एशियाड में अपनी बादशाहत को कायम रखा है. दोनों टीमों ने एशियाड में अपने कड़े प्रतिद्वंदी ईरानी खिलाड़ियों को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया. भारतीय पुरुष टीम ने लगातार सातवीं बार एशियाड स्वर्ण पर कब्जा जमाया वहीं महिला कबड्डी टीम भी लगातार दूसरी बार चैंपियन रही.

17वें एशियाड को इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए जरूर याद किया जाएगा. लेकिन भारतीय खेल प्रशासकों को मुक्केबाज सरिता देवी के साथ हुई घटना से भी सबक लेने की जरूरत है. खिलाड़ियों की जी तोड़ मेहनत और समर्पण से मिला पदक उनका मनोबल जरूर बढ़ाता है. वहीं खेलों में ऐसे विवादों से  खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है.