काबुल हवाईअड्डे के पास आत्मघाती हमला, तालिबान ने ली जिम्मेदारी

RSTV Bureau
Kabul: Afghan security personnel are seen through the shattered windshield of a damaged car after a suicide car bomb attack near the Kabul airport in Kabul, Afghanistan, Monday, Dec. 28, 2015.  Photo - PTI

Kabul: Afghan security personnel are seen through the shattered windshield of a damaged car after a suicide car bomb attack near the Kabul airport in Kabul, Afghanistan, Monday, Dec. 28, 2015.
Photo – PTI

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हवाईअड्डे के पास सोमवार सुबह आत्मघाती हमले में एक शख्स की मौत हो गई जबकि 13 लोगों के घायल होने की खबर है। हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पूर्वी गेट के पास विस्फोटकों से भरी एक कार में धमाका किया गया। जानकारी के मुताबिक काबुल हवाईअड्डे के पूर्वी गेट का ज्यादातर इस्तेमाल नाटो और अमेरिकी सैनिक आवाजाही के लिए करते हैं। तालिबान ने इस हमले की जिम्मदारी ली है और विदेशी बलों को निशाना बनाने की बात कही है।

अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता सादिक सिद्दीकी ने ट्वीट कर बम विस्फोट में एक नागरिक की मौत और कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी दी। काबुल के उप पुलिस प्रमुख गुल आगा रूहानी ने बताया कि बम विस्फोट काबुल हवाईअड्डे के नजदीक हुआ और इसकी जांच की जा रही है।

ये हमला पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ के काबुल दौरे के एक दिन बाद हुआ है। राहील शरीफ तालिबान के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने के मकसद से रविवार को काबुल आए थे। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और राहील शरीफ के बीच आपसी सुरक्षा मसलों, जानकारी साझा करने और आतंक के खिलाफ साझा अभियान के मसले पर बातचीत हुई थी। इसके बाद अफगानिस्तान सरकार की ओर से एक बयान भी जारी किया गया। बयान के मुताबिक शांति के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने की दिशा में जनवरी में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, अमेरिका और चीन के बीच पहले दौर की वार्ता होगी।

अफगान बल दक्षिणी हेलमंद प्रांत में अफीम की पैदावार वाले सांगिन जिले से भी तालिबान को खदेड़ने की कोशिश में लगे हैं। रणनीतिक रूप से अहम इस इलाके में तालिबान का प्रभाव रोकने के लिए ब्रिटेन ने पिछले दिनों यहां सेना भेजी। ये तैनाती अमेरिकी सेना के विशेष दस्ते के अलावा की गई।

अफगानिस्तान में मौजूद नाटो सेनाओं के जनरल जॉन एफ कैम्बेल के मुताबिक काबुल में हालात ऐसे हो गए हैं कि हर दिन दस आतंकी हमले नाकाम किए जा रहे हैं। इसके बावजूद पिछले छह महीने में सिर्फ काबुल में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

21 दिसंबर को भी काबुल में आतंकियों के आत्मघाती हमले में छह नाटो सैनिक मारे गए थे। तालिबान आतंकियों ने ये हमला काबुल के बगराम एयरबेस के करीब नाटो सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किया था।

इसके बाद अफगान सुरक्षा बलों ने एक ऐसे शख्स को भी गिरफ्तार किया जो आत्मघाती हमलावर बनकर जलालाबाद के भारतीय दूतावास पर हमला करने की फिराक में था।