कोविड – 19 संक्रमण : कैसे रखें मानसिक सेहत का ख्याल

Sandeep Yash
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File Photo: Mental Health

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जारी है। प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी इस कठिन वक़्त में हर नागरिक से लक्ष्मण रेखा पार न करने को कह रहे हैं, मायने ये कि हम अपने घरों में रहे और इस वायरस के प्रसार चक्र को तोड़े, बस यही एक रास्ता है इस दुसमन को परास्त करने का जो दिखता ही नहीं है, तो सरकार की अगुवाई में लड़ी जा रही इस जंग में वायरस बैकफुट पर है, जान लीजिये कि अमरीका, इटली, ब्रिटैन और चीन जैसे बड़े और समृद्ध देश शुरू में हुई लापरवाही की भारी कीमत आज जान -माल की हानि के रूप में चुका रहे है, जानकार कहते हैं कि हमारी जीत सरकार की मेहनत, जनता की समझदारी और संयम पर टिकी है –

तो जनाब सोशल डिस्टन्सिंग और एकान्तवास यानी isolation जैसे आम हो चुके शब्दों के निहितार्थ से हम रोज़ दो चार हो रहे हैं , वक़्त अप्रत्याशित और कठिन है यूंकि मानव एक सामाजिक जीव है और इन नियमो का पालन करना उसके मूल स्वभाव में नहीं है – दिल्ली के केमिकल व्यवसायी नवनीत भल्ला ने कुछ दिन टीवी और सोशल मीडिया पर बिताने के बाद नयी दिनचर्या बनायीं – दिन में लेखन की और सुबह शाम योग की, राखी आचार्य पेशे से फैशन डिज़ाइनर हैं और आजकल बागबानी इनकी दिनचर्या का एहम हिस्सा बन चुकी है , डॉ देवेंद्र शर्मा वैसे तो सरकारी अधिआरी हैं पर आजकल इनकी रूचि यूट्यूब रेसिपीज लेकर केक बनाना और उस पूरी प्रक्रिया को मोबाइल फ़ोन्स पर रिकॉर्ड कर वापस अपलोड करना है,अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है, ऐसा ही कुछ एयर होस्टेस जसप्रीत सिंगला कर रही हैं, और जब हवाई सेवाएं बंद हैं तो जसप्रीत नॉएडा में अपनी सोसाइटी में एक व्हाट्सअप ग्रुप बना कर सरकारी सूचनाएँ लोगों ता पहुंचाने का काम कर रही है

इन दिनों पुरानी दिनचर्या के मूर्छित होने के बाद सारे शहरी वक़्त को कुछ अलग तरह से बिताने की कोशिश कर रहे हैं – कुछ नया कर रहे हैं तो कुछ पीछे छूट गए रिश्तों या hobbies से फिर से नाता जोड़ रहे हैं -मक़सद एक है, मानसिक सेहत दुरुस्त रखना, देखते हैं हम अपने घरों में बने रह कर कैसे इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं –

1. खुद पर अनावश्यक दबाव न डालें

अगर आपको कुछ भी करने का मन नहीं है, तो यह भी ठीक है। ये पहचानना ज़रूरी है कि कब आपको ब्रेक की ज़रुरत है, सकारात्मक चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें।

२. व्यायाम करें

जब आप तनाव में हों या चिंतित हों तो व्यायाम आपको नयी ऊर्जा और स्फूर्ति देता है, तो व्यायाम वास्तव में मानसिक और शारीरिक कल्याण के लिए अच्छा है। विशेषज्ञ कहते हैं ऐसे संगीत का भी रस लीजिये जो आपको आनंद दे, यदि आपके बगीचा है तो बगीचे में जाएं और फूल-पौधों में रम जाएँ साथ ही रोज़ धूप की खुराक लें. आपके पास घर पर व्यायाम करने का विकल्प है, इसमें योग या कार्डियो वर्कआउट के वीडियोस की मदद ली जा सकती है

2. मित्र समूह बनायें

विशेषज्ञ ऐसे हालातों में मित्र समूह बनाने की सलाह देते हैं जिससे आप नियमित रूप से ऑनलाइन या फोन पर जुड़े रहें, इस तरह आप किसी को मदद पंहुचा सकते हैं या जरूरत पड़ने पर दूसरे आप तक पहुंच सकते हैं। यहां तक कि सिर्फ डेली अपडेट भेज कर भी अधिक जुड़ा और कम अकेले महसूस कर सकते हैं।

4 .स्व-देखभाल का अभ्यास करें

खुद की देखभाल करना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है। वैसे कभी कभी तो अपना चेहरा धोना जैसा सरल काम भी मुश्किल लगता है लेकिन इसे करने पर आपके महसूस करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आ सकता है। आप ये भी सुनिश्चित करें कि आपका कमरा हवादार हो. साथ कम चिकनाई वाला स्वस्थ भोजन और पूरी नींद लें, खूब पानी पियें और एक ही दिनचर्या रखने की कोशिश करें, जान लीजिये कि घर पर होने से आपकी दिनचर्या और भूख दोनों प्रभावित हो सकती है

5 अपना ध्यान बटाएं

लिखें. अपने विचारों और भावनाओं को लिखने से आपको किसी भी चिंता और भय को दूर करने में मदद मिलती है। अपने को व्यस्त रखने की कोशिश करें।
एक नया कौशल सीखें। ऐसी तमाम गतिविधियाँ हैं जो आप घर पर कर सकते हैं जिसमें शिल्प, पेंटिंग, पढ़ना, खाना बनाना और पकाना शामिल है।
समय-समय पर समाचारों से दूरी बनाये रखना भी मददगार साबित होता है.

फिलहाल आम नागरिक की मानसिक सेहत बनी रहे इसके लिए सरकार भी सक्रिय है, मन की बात के ताज़े एपिसोड में खुद प्रधानमंत्री जी ने जनता से योग करने और स्वस्थ रहने की अपील की है, National Institute of Mental Health & Neuro Sciences, Bangaluru ने एक टोल फ्री नंबर 08046110007 जारी किया है, ऐसी ही Helplines कई और राज्यों ने भी बनायीं है, पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अंतिम ज़िम्मेदारी आम नागरिक यानी आपकी और हमारी है, प्रयत्न करें, नतीजे ज़रूर सुखद होंगे।