खेल संघों में पारदर्शिता लाना ज़रूरीः खेल मंत्री

खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने रविवार को खेल मंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि देश में खेलों को बेहतरी के लिए सभी खेल संघों में पारदर्शिता लाना जरूरी है.

खेल मंत्री ने कहा कि वे सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों में पूरी पारदर्शिता की उम्मीद करते हैं.  इसी के साथ खेलों में भ्रष्टाचार को रोकने और विवादों से बचने के लिए उन्होंने सभी खेल संघों से सहयोग करने की भी मांग की है.

खेल मंत्री सोनोवाल ने कहा कि वह भारतीय खेलों को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ऐसा करने के लिए उन्हें मीडिया के साथ-साथ सभी तबकों से सहयोग की दरकार है. हाल ही में खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ और सभी खेल संघों से ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने गए विभिन्न भारतीय दलों पर हुए खर्च का भी ब्यौरा मांगा है.

इसके अलावा मंत्रालय ने तमाम अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के बारे में सूचना उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है. इसमें खिलाड़ियों को होने वाली दिक्कतें, चयन का आधार, प्रशिक्षिण शिवरों के आयोजन जैसी जानकारियां शामिल हैं.

खेल मंत्री ने अपनी बातचीत में कहा कि सुशासन और लोगों के बीच भरोसा जीतने के लिए हमें रोजमर्रा के काम-काज में ज्यादा पारदर्शी होने की जरूरत है. खेल मंत्री ने साफ संकेत देते हुए बताया आपसी मतभेद ठीक नहीं हैं, हमें एक परिवार के रूप में काम करना चाहिए. इससे ही खेलों का भला संभव हो पाएगा.

बुधवार को ही केंद्र सरकार की ओर से ये साफ किया गया था कि सरकारी मदद लेने वाले सभी खेल संघों को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में लाया जाएगा. खेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इस बात की जानकारी दी गई.

सरकारी बयान के मुताबिक वे सभी खेल संघ जो सरकार से 10 लाख या उससे ज्यादा की मदद लेते हैं, सभी को आरटीआई के तहत जवाबदेह बनाया जाएगा. इन संस्थाओं को सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित किया गया है.