नहीं विसाल मयस्सर तो आरज़ू ही सही…

Anugrah Mishra

indian_cwg700ग्लासगो में 20वें राष्ट्रमंडल खेलों का समापन हो गया. भारत भले ही दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों जैसा शानदार प्रदर्शन न दोहरा पाया हो लेकिन कुछ युवा खिलाड़ियों के मौजूदा प्रदर्शन से खेल की दुनिया में भारत के बेहतर भविष्य की उम्मीदें तो जरूर जगी हैं.

2016 के रियो ओलंपिक में देश के लिए सोना जीतने का सपना देखने वाले 20 वर्षीय अमित कुमार ने ग्लासगो में देश के लिए कुश्ती का स्वर्ण पदक जीता. अमित 2012 के लंदन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे. हरियाणा के सोनीपत जिले से आने वाले अमित को देश का अगला सुशील कुमार कहा जाने लगा है.

ग्लासगो में भारतीय महिला पहलवानी का एक नया चेहरा भी चमका. कुश्ती के 48 किलोग्राम महिला वर्ग में विनेश फोगट ने सोने के तमगे को पटखनी दी. 19 वर्षीय विनेश ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था. विनेश की बहन बबिता फोगट ने भी कुश्ती में 56 किलोग्राम वर्ग के मुकाबले में स्वर्ण पदक जीता है. साथ में विनेश की एक अन्य बहन गीता फोगट कुश्ती की कई अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश के लिए पदक जीत चुकी हैं.

भारोत्तलन में 20 साल की संजीता चानू का स्वर्ण पदक भी देश के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है. मणिपुर की संजीता ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया और खेलों के आगाज़ के पहले ही दिन ही देश को स्वर्ण पदक दिलाया.

खेलों की शुरुआत के पहले दिन देश को रजत पदक दिलाने का गौरव मणिपुर की मीराबाई चानू को हासिल हुआ. महिला भारोत्तलन स्पर्धा के 48 किलोग्राम वर्ग में 19 वर्षीय मीराबाई ने चांदी पर अपनी चमक बिखेरी.

सुशीला लिक्माबाम ने जूडो में भारत की झोली में रजत पदक डाला. 19 साल की सुशील असम की रहने वाली है. सुशील ने जूडो के 48 किलोग्राम महिला वर्ग में पदक हासिल किया. पूर्वोत्तर राज्यों के खिलाड़ी लगातार अपने उम्दा प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश का झंडा बुलंद करते आए हैं.

निशानेबाजी में 16 साल की मलाइका गोयल को रजत पदक हासिल हुआ. अमृतसर की मलाइका ने 10 मीटर एयर पिस्टल में पदक हासिल किया. मलाइका ने भी पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था. उम्र के लिहाज से मलाइका के सामने अभी लंबा कैरियर है और आगे उनसे पदकों की उम्मीद की जा सकती है.

राही सरनोबत ने महिला वर्ग में 25 मीटर पिस्टल निशानेबाजी में सोने पर निशाना लगाया. 23 वर्षीय राही कोल्हापुर से आती हैं. राही ने दिल्ली राष्ट्रमंडल में भी एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था.

रोहतक के सत्यव्रत कदैन ने कुश्ती के 97 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता. भारत के स्टार रेसलर सुशील कुमार को अपना हीरो मानने वाले सत्यव्रत अभी 20 साल के हैं देश में कुश्ती को आगे ले जाने के लिए सत्यव्रत जैसे युवा खिलाड़ियों का आना काफी अहम है.

कुश्ती, निशानेबाजी और भारोत्तलन के अलावा अन्य खेलों भी भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया. राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पहली बार स्क्वैश में भारत के लिए कोई पदक आया. दीपिका पल्लिकल और जोशना चिनप्पा की जोड़ी ने स्क्वैश में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया.

देश की उभरती शटलर पी वी सिंधू को ग्लासगो में उम्मीद से थोड़ा कम लेकिन कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. 19 साल की सिंधू 2013 में आयोजित ग्वांझाऊ विश्व चैंपियनशिप के एकल मुकाबले में मेडल जीतने वाली देश की पहली महिला शटलर हैं.

चक्का फेंक स्पर्धा में विकास गौड़ा का पदक भी नई उम्मीदें जगाता है. भारत बमुश्किल ही फील्ड खेलों में पदक जीतने में सफल हो पाता है. ऐसे में एकल स्पर्धा में विकास का स्वर्ण पदक एथलेटिक्स में भारत के लिए पदकों की उम्मीद कायम रखता है.

भारत 20वें राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका में पांचवे स्थान पर रहा. भारत के खाते में 15 स्वर्ण, 30 रजत, 19 कांस्य पदकों समेत कुल 64 पदक आए. भारत इस बार पदक तालिका में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मेज़बान स्कॉटलैंड से भी पीछे रहा. जबकि दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत, आस्ट्रेलिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा था.

भारत ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में 101 पदकों पर अपना कब्जा किया था जिसमें 38 स्वर्ण, 27 रजत, 36 कांस्य पदक शामिल थे.