जनादेश के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया

RSTV Bureau

Untitled-1लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिले स्पष्ट बहुमत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेस कर हार की नैतिक जिम्मेदारी ली.

सोनिया ने कहा कि यह जनादेश निश्चित रुप से हमारे खिलाफ है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र में बनने वाली नई सरकार को बधाई दी। सोनिया गांधी ने कहा कि चूंकि मैं पार्टी की अध्यक्ष हूं इसलिए मैं हार की जिम्मेदारी लेती हूं.

इसके अलावा राजनीतिक हलकों में अलग अलग पार्टियों के नेता ने इस जीत पर अपनी प्रतिक्रिया दी. भाजपा के वरिष्ट नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि इस पूरी जीत में मोदी का योगदान देखना पड़ेगा. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “यह जीत देश की जनता के भरोसे और हमारे कार्यकर्ताओं के कठिन परिश्रम की जीत है”.

मोदी के करीबी एवं लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के प्रभारी अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस किसी भी राज्य में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई. हमने उत्तर प्रदेश में नये रिकार्ड बनाये. यूपी में कांग्रेस की दो और सपा की पांच सीटें केवल उनके परिवार वालों की है.

आम आदमी पार्टी के नेता एवं बनारस से मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे अरविंद केजरीवाल ने अपनी हार के बाद बोलते हुए कहा कि चुनाव में जीत और हार तो चलती रहती है, काशी की जनता ने मुझे बहुत प्यार दिया। मैं नरेंद्र मोदी ,बीजेपी और एनडीए को जीत पर बधाई देता हूँ.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार जनता ने लोक सभा की सभी 25 सीटें भारतीय जनता पार्टी को दी हैं उसके लिए मैं प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करती हूं.

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ से कहा कि 1984 के बाद यह पहला अवसर है कि किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है. साथ में भाजपा अध्यक्ष ने चुनाव प्रचार में नरेंद्र मोदी की कड़ी मेहनत की सराहना भी की.

उधर इन तमाम राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच राजद सुप्रीमो लालू यादव ने नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई देने से इनकार करते हुए कहा कि मैं मौका परस्त नेता नहीं हूं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने राज्य में अपनी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि हमें आत्ममंथन करने की जरूरत है. हमें हार से सबक लेने की जरूरत है. साथ में उमर ने नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई देते हुए मोदी सरकार से की ओर से किए गए वादों को पूरा करने की उम्मीद भी जताई है.

बिहार के पूर्व मख्यमंत्री और नीतीश कैबीनेट का हिस्सा रहे सुशील मोदी ने कहा कि बिहार से जदयू का सफाया हो गया. नीतीश कुमार को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.

कांग्रेस की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए जामा मस्जिद के शाही इमाम के भाई याहया बुखारी ने कहा,“कांग्रेस ने पिछले साठ साल में देश में अल्पसंख्यकों का जो बुरा हाल किया है, चुनाव नतीजे उस सबका सबक हैं. अल्पसंख्यकों को जहां भी तीसरा विकल्प मिला,उसने उस विकल्प को वोट किया,लेकिन जहां केवल कांग्रेस और भाजपा ही मुकाबले में थे वहां मुसलमानों ने भाजपा को वोट किया हो, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता.”