जम्मू-कश्मीर जिला विकास परिषद चुनाव : ‘गुपकार’ पर बीजेपी भारी

Jammu: BJP's DDC polls in-charge Anurag Thakur along with BJP Mahila Morcha members after the party's candidate performance in the elections, at party office in Jammu, Wednesday, Dec. 23, 2020. (PTI Photo)

Jammu: BJP’s DDC polls in-charge Anurag Thakur along with BJP Mahila Morcha members after the party’s candidate performance in the elections, at party office in Jammu, Wednesday, Dec. 23, 2020. (PTI Photo)

अगस्त, 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म कर जम्मू-कश्मीर में यह पहला चुनाव है. चुनाव में कुल 280 सीटें पर मतदान हुआ है. डीडीसी चुनाव में बीजेपी ने 75 सीटों पर जीतकर दर्ज की है जबकि साथ स्थानीय पार्टियों के गुपकार गठबंधन को 110 से ज्यादा सीटें मिली हैं। ये चुनाव कई मायनों में खास रहा। जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्वक चुनाव कराना प्रशासन के सामने एक चुनौती होता है। लेकिन इस चुनाव प्रक्रिया का शांतिपूर्वक सम्पन्न होना दिखाता है कि नौजवान अपने मसलों के लिए बुलेट की बैलेट को प्राथमिकता दे रहे हैं। डीडीसी चुनाव में फारूक़ अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले साथ पार्टियों के गुपकर गठबंधन को सबसे ज़्यादा सीटों पर कामयाबी मिली है. लेकिन 75 सीटों के साथ बीजेपी अकेली सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है जो कि पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा बीजेपी ने पहली बार कश्मीर घाटी की तीन सीटों पर भी जीत हासिल की है जो कि कश्मीर में बीजेपी का बेहतर भविष्य का संकेत है।

क्यों खास रहे जिला विकास परिषद चुनाव

अनुच्छेद 370 हटने के निरस्त होने के बाद पहली बार हुए बड़े स्तर पर चुनावी प्रक्रिया हुई

1947 के बाद पहली बार पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी और वाल्मिकी समुदाय को इन चुनावों में हिस्सा लेने का मौका मिला

कभी एक दूसरे के खिलाफ लड़ने वाली जेकेएनसी और पीडीपी जैसी पार्टियों ने गुपकार गठबंधन बनाकर एक साथ चुनाव लड़ा

गुपकार गठबंधन ने सीटे तो ज्यादा हासिल की लेकिन बीजेपी ने सबसे बड़ी के तौर पर उभरकर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज की

2018 के पंचायत चुनावों में और अक्टूबर 2019 में हुए बीडीसी(ब्लॉक डवलेपमेंट काउंसिल) के चुनावों वहां के मुख्य राजनीतिक दल नेशनल कॉंफ्रेंस और पीडीपी ने हिस्सा नहीं लिया था

डीडीसी चुनाव क्या है?

जम्मू और कश्मीर में पहली बार डीडीसी चुनाव हो रहे हैं. अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने से पहले जम्मू और कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली (ग्राम स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय, ज़िला स्तरीय) नहीं थी

केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू और कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, 1989 में संशोधन के लिए अपनी सहमति दे दी थी

अब इन चुनाव के ज़रिए जम्मू क्षेत्र के 10 और कश्मीर घाटी के 10 समेत कुल 20 ज़िलों में डीडीसी का गठन किया गया

केंद्र शासित प्रदेश के हर ज़िले में 14 निर्वाचन क्षेत्र होंगे. इस प्रकार समूचे जम्मू और कश्मीर में कुल 280 निर्वाचन क्षेत्र के लिए इन चुनावों के माध्यम से लोग डीडीसी के प्रतिनिधियों का चयन किया

जम्मू कश्मीर में हुए जिला विकास परिषद के चुनावों ने वहां की तस्वीर साफ कर दी है। अक्सर जम्मू-कश्मीर को लेकर एक मिथक को बढ़ावा दिया जाता है कि जम्मू कश्मीर के ज्यादातर लोगों का लोकतांत्रिक प्रणाली से भरोसा उठ गया है। लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां हुए जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों में जनता की भागीदारी ने इस मिथक को तोड़ दिया। केन्द्र शासित प्रदेश में डीडीसी का चुनाव 28 नवम्बर से शुरू होकर आठ चरणों में पूरा हुआ।