दिल्ली में सम-विषम योजना का खाका पेश, नियम तोड़ने पर दो हजार रुपए जुर्माना

RSTV Bureau

Delhi-pollution-Rajpathदिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को निजी वाहनों के लिए सम-विषम फॉर्मूले का खाका पेश कर दिया. सम और विषम नंबरप्लेट वाले वाहनों को एक-एक दिन छोड़कर चलाने की योजना नए साल से शुरू होगी. प्रयोग के तौर पर ये योजना एक से 15 जनवरी तक लागू होगी. ये नियम रविवार को लागू नहीं होगा। बाकी दिनों में ये नियम सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू होगा। एनसीआर और दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली सभी निजी कारों पर भी सम-विषम फॉर्मूला लागू होगा।

अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में योजना का खाका पेश करते वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और परिवहन मंत्री गोपाल राय भी मौजूद थे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “प्रदूषण बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है। हम सबको मिलकर इसका समाधान ढूंढना है। जो सम-विषम योजना की चर्चा की जा रही थी उस पर सभी मंजूरी ले ली गई है। सोमवार को अधिसूचना जारी की जाएगी”.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों को दो हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अकेली महिला या 12 साल की उम्र तक के बच्चों के साथ जा रही किसी महिला की कार को इस योजना से छूट दी जाएगी। वहीं चिकित्सीय आपात स्थितियों के मामलों को विश्वास के आधार पर देखा जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने वीआईपी श्रेणी में आने वाले वाहनों की भी एक लंबी सूची पढ़ी, जिन्हें इस नियम से छूट होगी। इन वाहनों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश, केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के अलावा बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के वाहन शामिल हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद को और अपने मंत्रियों को इस नियम के दायरे में रखा है।

सीएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों समेत दोपहिया वाहन इस योजना में शामिल नहीं किए गए हैं। साथ ही आपात स्थिति में काम आने वाले वाहनों और प्रवर्तन से जुड़े वाहनों को भी इस नियम के दायरे से बाहर रखा जाएगा। छूट हासिल करने वाले ये वाहन एंबुलेंस, दमकल विभाग, पुलिसिया वाहन, यातायात विभाग के वाहन होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ये नियम लागू होंगे तब अधिकतम यात्री संख्या वाली अवधि के दौरान दिल्ली मेट्रो के फेरे सबसे ज्यादा होंगे।

अरविंद केजरीवाल ने तौर-तरीकों में बदलाव की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यदि बड़े स्तर पर उल्लंघन की खबरें आएंगी तो सरकार के पास योजना बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कई देशों में ऐसी योजनाएं अधिकतम प्रदूषण की अवधि के दौरान ही लागू की जाती हैं। कहीं भी पूरे साल ऐसी योजना लागू नहीं होती।

लोगों को परेशानी से बचाने के लिए एक जनवरी से दस हजार ऑटो और छह हजार अतिरिक्त बसें भी सड़कों पर उतारने की योजना है। यातायात प्रबंधन के लिए 10 हजार स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। दिल्ली सरकार दो-तीन दिन में एक कारपूलिंग एप शुरू करेगी ताकि योजना के दौरान लोग अपनी कार साझा कर सकें। अरविंद केजरीवाल सरकार ने कुछ जगहों पर रिमोट सेंसर कैमरे लगाने का भी फैसला किया है ताकि इस योजना के दौरान वाहनों की आवाजाही के असर का आकलन किया जा सके.