दुनियाभर से पेशावर हमले की कड़ी भर्तस्ना

RSTV Bureau

AP12_17_2014_000001Bपाकिस्तान के पेशावर में हुए आंतकी हमले पर दुनिया भर के तमाम नेताओं, सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हमले की निंदा की है. मंगलवार को पेशावर के आर्मी स्कूल में हुए आंतकी हमले में 141 लोगों की मौत हुई थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से फोन पर बात कर कल हुए आंतकी हमले पर दुख जताया है. प्रधानमंत्री ने पेशावर की घटना को पूरी मानवता पर प्रहार बताया है.

विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मोदी ने मंगलवार रात नवाज शरीफ से फोन पर बातचीत की. मोदी ने शरीफ से कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत और यहां की आवाम पाकिस्तान के साथ है.

बुधवार सुबह संसद के दोनों सदनों में पाकिस्तान की घटना पर शोक व्यक्त किया गया. राज्यसभा और लोकसभा में सदस्यों से मौन रखकर आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.

भारत के विभिन्न राज्यों में बुधवार को स्कूली बच्चों ने मौन रखकर मारे गए बच्चों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार को देश के सभी स्कूलों से पेशावर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने की अपील की थी.

संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से भी आंतकी हमले की कड़ी निंदा की गई. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि दुनिया के हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार है और स्कूल जाना उसके लिए चुनौतीपूर्ण न हो. मून ने कहा कि मैं पाकिस्तान की सरकार, वहां के लोगों और ख़ास तौर पर प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.

ब्रिटेन की संसद ने भी आंतकी हमने की कड़ी निंदा की. प्रधानमंत्री डेविड केमरून ने पेशावर की घटना को मानवता के इतिहास का काला दिन बताया.

केमरून ने कहा कि ये मानवता के लिए काला दिन है. इसको किसी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता, दुनिया का कोई भी धर्म इसे जायज नहीं ठहरा सकता. ये दुनिया के ऊपर इस्लामिक आतंकवाद के खतरे की निशानी है. इसका इस्लाम जैसे शांतिपूर्ण धर्म से कोई लेना देना नहीं है.

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने मासूम बच्चों की हत्या, आत्मा को झकझोर देने वाली घटना बताया. कैरी ने कहा कि एक पिता होने के नाते मुझे ये पता है कि बच्चों को घर से बाहर भेजना कितना मुश्किल होता है. माता पिता अपने बच्चों को स्कूल इसलिए भेजते हैं कि वो सुरक्षित हों,  वो सपने देख सके और अवसर पा सकें.

पेशावर हमले पर शांति नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और मलाला युसुफज़ई ने भी दुख व्यक्त किया.

कैलाश सत्यार्थी ने हमले की निंदा करते हुए इसे मानवता पर धब्बा बताया. सत्यार्थी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए चरमपंथियों से बच्चों को बख़्श देने की अपील की है.

पाकिस्तान की मलाला युसुफ़जई ने हमले पर कड़ा रुख जताते हुए कहा कि अब वक़्त आ गया कि दुनिभा भर के लोग एकजुट हों और आंतकवाद का डटकर मुकाबला करें. मलाला ने कहा कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि दुनिया का हर बच्चा सुरक्षित हो और अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके.