दो-तीन दिन बढ़ सकती है लोकसभा की कार्यवाही

Shyam Sunder

Lok_sabhaबजट सत्र के दूसरे भाग की अवधि बढ़ाई जा सकती है. सूत्रों के मुताबिक सरकार के अलावा विपक्ष भी इस पर सहमत है कि ज़रुरी विधायी काम पूरा करने के लिए सत्र को दो-तीन दिन बढाया जा सकता है. बुधवार शाम बिजनेस एडवाईज़री कमेटी की बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई. हांलाकि अभी ये तय नहीं है कि लोकसभा का सत्र कब तक बढ़ाया जाएगा. लेकिन संभावना यही है कि लोकसभा का सत्र भी राज्यसभा के साथ 13 मई को ही समाप्त हो.

लोकसभा को अभी कई विधायी काम निपटाने हैं. इसमे लैंड बांउड्री एग्रीमेंट संविधान संशोधन विधेयक और दिल्ली हाईकोर्ट से संबधित विधेयक को पास करना शामिल है. ये दोनों ही बिल बुधवार को राज्यसभा से पास हो गए. सरकार की कोशिश है कि गुरूवार को इन दोनों बिलों को लोकसभा में पास कराया जाए.

इसके अलावा सरकार की तरफ से कई अहम बिल प्रस्तावित हैं. इसमें दो सबसे अहम बिल हैं भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक और काले धन पर विधेयक. सरकार भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को लोकसभा में पास कराना चाहेगी. यह बिल राज्यसभा में पहले से ही लंबित है. सरकार लोकसभा में इस बिल को तभी ला सकती है जब लोकसभा का सत्र बढ़ाया जाए. लोकसभा में सरकार के लिए ये बिल पास कराना मुश्किल नहीं होगा.वैसे भी इस बिल को लोकसभा पहले एकबार पास कर चुकी है. इसलिए स्पीकर एक दिन में कुछ घंटे की बहस के बाद बिल को पास कराने के लिए रख सकती हैं.

शुक्रवार संसद में आमतौर पर सरकारी कामकाज नहीं होता है. वैसे भी पिछले हफ्ते प्राईवेट मेंबर बिल के दिन सरकारी कामकाज पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति प्रकट की थी.

जंहा तक काले धन पर बिल लाने का सवाल है सरकार का कहना है कि वो इसी सत्र में यह विधेयक लाना चाहती है. लेकिन अभी तक इस बिल को बिजनेस में नहीं रखा गया है. विपक्ष इस बिल पर व्यापक चर्चा की मांग कर सकता है और विपक्ष की तरफ से इस बिल को स्थायी समिति को भेजने की मांग हो सकती है.

इसके बावजूद सरकार की तरफ से इसी सत्र में काले धन पर विधेयक लाने की कोशिश होगी. सरकार चाहेगी कि अगर ये बिल सिर्फ पेश भर भी कर दिया जाए तो उसके लिए इस मुद्दे पर विपक्ष का जवाब देना आसान हो जाएगा. विपक्ष अगर इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की मांग करता है तो सरकार कह सकती है कि विपक्ष इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है.