नेहरू को उनकी 125 वीं जयंती पर याद किया गया

RSTV Bureau

nehru_childrenआज यानी 14 नवंबर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु की 125वीं जयंती है. पूर्व प्रधानमंत्री नेहरु की जयंती को प्रत्येक वर्ष बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है.

इस मौके पर देश भर में कई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी गुरूवार से दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया.

कांग्रेस द्वारा 17-18 नवम्बर को विज्ञान भवन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कई विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल समकालीन वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में नेहरू की विश्वदृष्टि और विरासत को प्रतिबिंबित करेंगें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री नेहरु को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने प्रधानमंत्री नेहरु के स्वाधीनता संग्राम में योगदान और प्रधानंत्री के रुप में उपलब्धियों को याद किया.

आस्ट्रेलिया दौरे पर गए पीएम मोदी ने ट्वीटर के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा,” आज हमारे प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु की 125वीं जंयती है. मेरी ओर से उन्हें श्रद्धांजलि. हम उनके स्वाधीनता संग्राम में योगदान और प्रधानमंत्री के रुप में उनकी उपलब्धियों के लिए याद करते हैं.”

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति हामिद अंसारी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने भी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को उनकी 125वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. हालांकि वर्तंमान राजग सरकार की ओर से कोई भी मंत्री इस समारोह में उपस्थित नहीं था.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, शीला दीक्षित आदि कांग्रेसी नेताओं ने भी उनकी समाधि शांति वन में पंडित नेहरू को पुष्पांजलि अर्पित की.

नेहरू के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में कई केंद्रीय मंत्रियों में भाग लिया लेकिन उनकी समाधि शांति वन में कोई भी उपस्थित नहीं था.

प्रधानमंत्री नेहरू की 125 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कहा था कि कुछ लोग, संगठन और विचारधाराएं पूर्व प्रधानमंत्री नेहरु की प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष विरासत को नष्ट करना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में पंडित मोतीलाल नेहरू और स्वरूप रानी के घर हुआ था. वे बच्चों से काफी प्रेम करते थे इसीलिए उनके जन्मदिन को भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है.