पूरे देश में खिल चुका है कमलः राजनाथ

RSTV Bureau

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भारतीय जनता पार्टी को जिस तरह का जनादेश इन लोकसभा चुनावों में मिलता नज़र आ रहा है उसके बाद पार्टी की ओर से पहली प्रेस कांफ्रेंस में अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि जनादेश से साफ है कि पूरे देश में कमल खिल चुका है.

पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अमित शाह के साथ दिल्ली स्थित भाजपा केंद्रीय कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते वो प्रसन्न हैं लेकिन यह जनादेश साथ ही एक उत्तरदायित्व का भी बोध कराता है.

भारी भीड़, पत्रकारों के जमावड़े और जीत की अव्यवस्था से जूझते हुए इस ब्रीफ़िंग की शुरुआत शंखनाद से हुई.

उन्होंने कहा, शायद वर्ष 1984 के बाद पहली बार किसी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. कांग्रेस पार्टी से भी बड़ा पॉलिटिकल स्टेचर लेकर भाजपा उभरी है और यह एक बड़ी उपलब्धि है.

यह राजनाथ सिंह ने कहा, यह जनादेश नरेंद्रभाई मोदी की लोकप्रियता, क्षमता और प्रामाणिकता के लिए है. उन्होंने अथक परिश्रम किया. सैक़ड़ों रैलियों को संबोधित किया. स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार किसी नेता ने इस मेहनत के साथ लोगों के बीच काम किया है.

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि इस चुनाव का जनादेश देश की भौगोलिक, जाति, पंथ, मजहब की सीमाओं को पार करके एक सकारात्मक जनादेश है और केवल किसी के खिलाफ़ गुस्से से ऐसी जीत हासिल नही की जा सकती.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उन्होंने कहा, अटल जी कहते थे कि अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा औऱ कमल खिलेगा. अटल जी की उक्ति पूरी होती दिख रही है. कमल पूरे देश में खिल चुका है. 

राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा की नींव, नीयत औऱ व्यक्तित्व के प्रति विश्वास जाहिर किया है. भारत की सफलता का इतिहास पुनः लिखने का समय शुरु हो चुका है.

पत्ते साफ़ नहीं

राजनाथ सिंह अलग-अलग वर्गों और लोगों की तारीफ़ तो करते रहे लेकिन भावी सरकार के स्वरूप पर उन्होंने चुप्पी ही साधे रखी.

जब उनसे पूछा गया कि क्या वो सरकार में शामिल हो सकते हैं तो उन्होंने कोई भी सीधा जवाब देने के बजाय उसे हंसी में टाल दिया और कहा कि उनके पास पहले से ही ज़िम्मेदारी है.

हालांकि उनकी और अमित शाह की हंसी के बाद लोगों के पास इस बारे में सवाल और भी उठे लेकिन पार्टी नेताओं ने इस बारे में कुछ भी टिप्पणी करने से खुद को दूर ही रखा.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम लिए बिना उन्होंने जीत का श्रेय उन्हें भी देने का अवसर नहीं गंवाया. उन्होंने कहा कि कुछ सामाजिक और सास्कृतिक संगठनों का भी इसमें योगदान रहा है और उसके लिए वो आभार व्यक्त करते हैं.

कार्यकर्ताओं को धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, मैं अपील करना चाहता हूं कि बहुत ही शानदार औऱ ऐतिहासिक विजय हासिल हुई है लेकिन इस दौरान संयम बनाए रखें. किसी भी व्यक्ति या समुदाय के प्रति उत्तेजक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए. 

पार्टी अध्यक्ष ने बताया कि शनिवार को भारतीय समयानुसार 12.30 पर दिल्ली में केंद्रीय संसदीय समिति की बैठक होगी जिसमें आगे की रूपरेखा तय होगी.