प्रधानमंत्री ने महंगाई पर बुलाई उच्चस्तरीय बैठक

RSTV Bureau

inflation_indiaमहंगाई के मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और इस मसले पर विचार-विमर्श किया.

बुधवार की बैठक में महंगाई के साथ-साथ मानसून की स्थिति का जायज़ा भी लिया गया और मानसून के प्रभावित होने की स्थिति में महंगाई की चुनौती से निपटने की रणनीति पर भी विचार किया गया.

महंगाई के मुद्दे पर यूपीए को घेरकर सत्ता में आई एनडीए सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस समस्या का हल निकालना और लोगों को महंगाई की मार से निजात दिलाना है.

ऐसे में, बाज़ार से रोज़ आ रही महंगाई की ख़बरों और मानसून के कमज़ोर रहने की भविष्यवाणियों के मद्देनज़र सरकार किसी तरह की गुंजाइश नहीं रखना चाहती और इसीलिए प्रधानमंत्री ने इस बैठक के ज़रिए सरकार की रणनीति को तैयार करने का काम किया.

बैठक में केंद्रीय कृषिमंत्री राधामोहन सिंह, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान के अलावा उमा भारती और अनंत कुमार भी मौजूद थे. बैठक में संबंधित विभागों और मंत्रालयों के राज्यमंत्री, सचिव भी मौजूद थे.

महंगाई की समस्या

ग़ौरतलब है कि सरकार को सत्ता में आए अभी एक महीने का समय ही हुआ है लेकिन अगले कुछ सप्ताहों में बजट सत्र और मानसून सत्र के मद्देनज़र विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं खोना चाहता है.

लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें, रेल व परिवहन किराए में संभावित बढ़ोत्तरी और डीजल के दाम बढ़ाए जाने की अटकलों को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं.

ऐसे में महंगाई को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकताओं में ज़रूरी हो गया है.

बैठक में कमज़ोर मानसून की आंशका के चलते फसल को सूखे की मार से बचाने के प्रयासों पर चर्चा हुई. इसी बाबत विज्ञान भवन में राज्यों के कृषि सचिवों की बैठक भी हुई.

नई सरकार के पदासीन होने के बाद संसद के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने अभिभाषण में महंगाई को एक अहम मुद्दा बताया था.

खुद प्रधानमंत्री की ओर से जो बातें प्रमुखता से कही जाती रही हैं, उनमें महंगाई से निबटने की रणनीति एक अहम मुद्दा रही है. ऐसे में सरकार महंगाई के मुद्दे पर किसी तरह की गुंजाइश विपक्ष के लिए नहीं छोड़ना चाहेगी.

सनद रहे कि अप्रैल की तुलना में मई महीने में महंगाई दर में बढ़ोत्तरी हुई है. यह सिलसिला जून में भी बदस्तूर जारी है. मंडियों में सब्जियों के दाम चढ़े हैं और डीज़ल के दाम से लेकर बाक़ी चीज़ों की कीमतों में इजाफ़े से भी लोग चिंतित हैं.

प्रधानमंत्री की इस बैठक से पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भी एक उच्च स्तरीय बैठक करके मंहगाई पर रोक लगाने के मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने महंगाई को काबू में रखने के क़दम उठाते हुए राज्यों से जमाखोरों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा.