बढ़ सकती है लॉक डाउन की अवधि, 11 अप्रैल को मुख्यमंत्रिओं की बैठक के बाद अंतिम फैसला

Panchanan Mishra
PM Modi interacts with leaders of political parties (Twitter Photo)

PM Modi interacts with leaders of political parties (Twitter Photo)

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन की कवधि को 14 अप्रैल के बाद भी बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विपक्ष के नेताओं और राज्यों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में यह संकेत दिए हैं।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि वह 11 अप्रैल को फिर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से बात करेंगे। फिलहाल14 अप्रैल तक ही लॉकडाउन है लेकिन कई राज्यों की मांग इसे आगे बढ़ाने की है। सभी राजनीतिक दलों ने कोई अंतिम फैसला प्रधानमंत्री पर छोड़ दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने निवास 7, लोक कल्याण मार्ग से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न दलों के नेताओं के साथ बैठक की। इस दाैरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि 14 अप्रैल को एक बार में लाॅकडाउन खत्म नहीं किया जाएगा।

बैठक में शामिल सांसदों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कोविड-19 पर सर्वदलीय बैठक में नेताओं से कहा कि सरकार की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा करना है।उन्होंने नेताओं से कहा, स्थिति ‘सामाजिक आपातकाल’ जैसी है, कड़े निर्णय लेने की जरूरत है और हमें अवश्य ही सतर्क रहना चाहिए।’

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिये मौजूद LJP सांसद चिराग पासवान ने बताया कि प्रधानमन्त्री ने ये भी कहा कि 14 अप्रैल को एक साथ लॉकडाउन नहीं हटेगा औऱ वायरस से पहले और कोरोना वायरस के बाद का जीवन एक जैसा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से उठाए गए कदमो की भी कई दलों ने सराहना की। उन्होंने बताया कि बैठक की शुरुआत में विभिन्न विभागों की ओर से प्रेजेंटेशन के ज़रिए हुआ जिसमें स्वास्थ्य सुविधा से लेकर PPE किट , मास्क और दवाइयों की उपलब्धता पर जानकारी दी गयी।

बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमने कोरोना वायरस संकट के दौरान सरकार की मदद के लिए बहु-दलीय कार्य समूह बनाने का सुझाव दिया है। प्रधानमंत्री 11 अप्रैल को प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से दोबारा बात करने वाले हैं जिसमे आखिरी फैसला हो सकता है।

बैठक में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, एनसीपी के शरद पवार, शिवसेना के संजय राउत के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, BSP के सतीश चंद्र मिश्रा, द्रमुक के टी आर बालू, बीजद के पिनाकी मिश्रा, वाईएसआर के मिथुन रेड्डी, सपा के राम गोपाल यादव, जदयू के राजीव रंजन सिंह, लोजपा के चिराग पासवान, अकाली दल के सुखवीर सिंह बादल सहित कई अन्य दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक ऐसे समय में हुई है जब सरकार ने संकेत दिया है कि वह वायरस को तेजी से फैलने से रोकने के लिए कई राज्यों एवं विशेषज्ञों के देशव्यापी लॉकडाउन को 14 अप्रैल के बाद बढ़ाने की राय पर विचार कर सकती है। अब सबकी नज़रे 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक पर है जिसमे बाद फैसला हो सकता है।