भाजपा की लोकप्रियता के लिए कांग्रेस ज़िम्मेदार

Amrita Rai

akhilesh_yadavउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव मानते हैं कि देश में अगर भाजपा के अनुकूल एक माहौल दिख रहा है तो इसके लिए कांग्रेस पार्टी ज़िम्मेदार है. उन्होंने कहा कि विकास के पैमाने पर उत्तर प्रदेश का मॉडल गुजरात से बेहतर है. राज्यसभा टीवी से उनकी विशेष बातचीत के मुख्य अंश-

आज देश में नरेंद्र मोदी की लहर देखने को मिल रही है, क्यों?

अभी तो चुनाव शुरु हुए हैं, नतीजे आने अभी बाकी हैं. उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के बाद जो काम समाजवादी पार्टी ने किए हैं उन कामों के आधार पर जब नतीजे आएंगे तो आपको लगेगा कि समाजवादी पार्टी ही उत्तर प्रदेश में है जो मोदी और भारतीय जनता पार्टी जैसी सांप्रदायिक पार्टी को रोकने में कामयाब होगी.

तो आपका कहना है कि मोदी की लहर सिर्फ एक दुष्प्रचार है?

जो दल प्रचार में हजारों करोड़ रुपए खर्च करेगा वो स्वाभाविक रूप से टीवी और अखबारों में दिखेगा. मेरी अपील है जनता से कि वो इस चमक-दमक से प्रभावित न हों. अगर जनता इससे प्रभावित होने लगी तो ये जो हज़ार करोड़ खर्च किए हैं उसी तरह दूसरे दल भी कहीं न कहीं ऐसा ही कोई रास्ता निकालेंगे. इससे देश में भ्रष्टाचार बढ़ेगा.

आपने टीवी और अखबारों की बात की तो क्या आपको लगता है कि मीडिया निष्पक्ष न रहकर मोदी के दबाब में आ गया है?

मुझे मीडिया के ही माध्यम से ये जानकारी मिल रही है. मीडिया रिपोर्ट में ही इन बातों की चर्चा है कि कई विदेशी कंपनियों को हज़ारों करोड़ रुपए खर्च कर प्रचार में लगाया गया है. इसीलिए मैंने कहा अगर राजनीतिक दलों की सैल्स और मार्केटिंग से जनता प्रभावित होने लगी तो ये लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.

आपकी जीत के बाद पिछले दिनों जो रिपोर्ट आ रही हैं उससे लग रहा है कि यहां बीजेपी ने अपनी जमीन को मज़बूत किया है?

भाजपा ने जो रास्ता अपनाया था उसकी शुरुआत की विकास और गुजरात मॉडल से लेकिन जब जानने कि कोशिश की गई कि आखिर ये गुजरात मॉडल है क्या तो किसी ने आज तक नहीं बताया कि गुजरात मॉ़डल है क्या. इसीलिए मैंने कहा भाजपा प्रचार में आगे और सपा काम में आगे है. अगर उन्हीं की सरकार से तुलना की जाए तो आप देखेंगे कि पिछले दो वर्षों में सपा सरकार ने कई अहम फैसले लिए और जो बातें हमने अपने घोषणापत्र में कहीं थी उन्हें जमीन पर उतारा है.

आपके हिसाब से आपने पिछले दो सालों के दौरान ऐसा क्या किया जो यहां की जनता आपको वोट दे?

हमने प्रदेश का चौतरफा विकास किया है. कोई भी ऐसा प्रदेश नहीं है जिसने किसानों के लिए नहर का पानी मुफ्त किया हो. हमने किसानों का कर्ज़ माफ किया, किसानों के लिए दुर्घटना बीमा की शुरुआत की है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार काम कर रही है. 1090 वूमेन हेल्पलाइन से महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई की जा रही है.

आपने अपनी सरकार की कई उपलब्धियां गिनाई फिर भी आपकी सरकार में यहां भाजपा और मजबूत हुई है?

भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी को रोकने की ताकत सिर्फ समाजवादी पार्टी के पास है. मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस को भाजपा को रोकना चाहिए था, वहां हमारा संगठन इतना मजबूत नहीं है. देश में अगर आज भाजपा ने अपना माहौल बनाया है तो उसके लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है.

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी भाजपा को कैसे रोकेगी?

देखिए, भाजपा सांप्रदायिक रास्ता अपनाना चाहती है. मुजफ्फरनगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जो भी घटनाएं हुई उसके लिए भाजपा दोषी है. उनके कई विधायकों पर हमने कार्रवाई की है और सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश हैं कि दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दंगों के बाद वोटों का ध्रुवीकरण होता दिख रहा है और माहौल आपके पक्ष में जाता नहीं लग रहा?

सरकार दंगों के समय जो कर सकती थी वो किया है. सरकार ने अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई और जिस किसी अधिकारी से चूक हुई है उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है. सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर मदद लोगों तक पहुंचाई गई. दंगों पर राजनीति भी की गई लेकिन मुझे विश्वास है कि मुजफ्फरनगर की जनता सब समझती है.

आपकी सरकार ने सत्ता में आने से पहले प्रदेश के मुसलमानों के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, क्या आपकी सरकार उन वादों को पूरा कर पाई है?

सरकार ने सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्र कमेटी के सुझावों को प्रदेश स्तर पर लागू करने का जो फैसला किया था उसपर काम किया जा रहा है. हमने आबादी के हिसाब से मुसलमानों को 20 फीसदी हक़ देने का काम किया है. 10वीं पास मुस्लिम छात्राओं को सरकार आर्थिक मदद दे रही है. अगर हमने 15 लाख लैपटॉप बांटे तो हमारी कोशिश थी कि उसका 20 प्रतिशत लाभ अल्पसंख्यकों को मिले.

आपको नहीं लगता कि सपा का परंपरागत वोट बैंक खिसका है?

देखिए सरकार और विपक्ष के दो अलग- अलग काम हैं. जब आप सरकार में रहते हैं तो आपको अपने काम अपने फैसले लोगों को समझाने पड़ेंगे जिनका लाभ उनको मिल रहा है. वहीं विपक्ष खासकर भाजपा बहकाने में बहुत आगे है. अब देखिए उन्होंने लोगों को चाय पिलाना शुरु कर दिया, चाय गुलामी की निशानी है.

बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में संविधान के तहत राम मंदिर बनाने की बात कही है?

हम शुरु से कहते आ रहे हैं कि भाजपा विकास के मुद्दे पर बात करना नहीं चाहती. भाजपा जानती है कि सांप्रदायिक मुद्दे उठाकर सत्ता तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, इसीलिए वो ऐसे मुद्दे उठाती है. भाजपा कभी संविधान के नहीं मानती. बाबरी मस्जिद गिराने के आरोप भी विहिप और भाजपा पर हैं. ये लोग सिर्फ जनता को धोखा देने का काम कर रहे हैं. ये वो लोग हैं जिन्होंने भगवान राम तक को धोखा दिया है.

आप भाजपा पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगा रहे हैं लेकिन नेताजी (मुलायम सिंह यादव) खुद मुस्लिम बाहुल्य इलाके आजमगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं?

देखिए पार्टी ने ये फैसला किया कि नेता जी को दो सीटों से चुनाव लड़ना चाहिए. भाजपा के लोगों ने जिस तरह का माहौल बनाया है उसे सपा रोकेगी. देखिए सांप्रदायिक होना आसान है लेकिन सैक्युलर होना मुश्किल.

आप सबसे बड़े सूबे के मुखिया है आपकी पार्टी का आंकलन क्या, केंद्र में किसकी सरकार बनने जा रही है?

हमारी पार्टी तीसरे मोर्चे के लिए प्रयास कर रही है और आने वाले समय में तीसरे मोर्चे की सरकार बनेगी.

देश में गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा सरकारों का क्या हुआ है आप जानते हैं. ऐसे में अलग-अलग विचारधाराओं के लोगों को एक मंच पर कैसे लाएंगे?

देखिए अलग विचारधाराओं के लोग भी कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत एकजुट होकर काम कर सकते हैं. देश में कई राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस-बीजेपी नहीं हैं. वो आपस में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर बेहतर करने के प्रयास कर रही हैं और ये लोकतंत्र के लिए ये बहुत बेहतर है.

आप केंद्र की सरकार को किस रूप में देखना चाहते हैं?

हम चाहते हैं देश में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बने और एक ऐसी सरकार बने जो समाजवादी रास्ते को अपनाए. जो देश के किसानों और गांव में रहने वाले लोगों के लिए काम कर सके. मैं समझता हूं कि नेताजी और समाजवादी लोग उसी सरकार के पक्ष में रहेंगे जो समाजवादी नजरिए से काम कर सके.