भारतीय खेलों में लीग का दौर और संभावनाएं

Anugrah Mishra
Owner of Jaipur Pink Panthers Aishwarya Bachchan with the owner of U Mumba Nita Ambani during the finals of Pro-Kabaddi League between the two teams in Mumbai

Owner of Jaipur Pink Panthers Aishwarya Bachchan with the owner of U Mumba Nita Ambani during the finals of Pro-Kabaddi League between the two teams in Mumbai

भारत में किक्रेट के फटाफट फॉर्मेट यानी आईपीएल के सात सफल सीज़न गुजर चुके हैं. सफल इसलिए क्योंकि राष्ट्रीय टीम में खेलने वाले कई खिलाड़ियों को पहचान आईपीएल ने ही दिलाई है. अपने सफ़र में आईपीएल ने कई उतार-चढ़ाव भी देखे और कई बार ऐसा लगा कि ये फेल हो गया लेकिन उन तमाम उठापटक के बीच खेल प्रेमियों के दिलों में ये फॉर्मेट अपनी एक जगह बना चुका है.

रोमांचक टी-ट्वेंटी फॉर्मेट के इस खेल पर विवादों का साया रहा और ग्लैमर जादू भी यहां सरचढ़कर बोला. यहां तक कि दुनिया के दिग्गज क्रिकेटर अपने देश के लिए न खेलकर इस प्राइवेट लीग में अपने खेल के जरिए मनोरंजन करते दिखे. ये शायद देश में लीग फॉर्मेट की शुरुआत थी और आईपीएल को देश में खेलों के लीगीकरण का झंडाबरदार कहना गलत नहीं होगा.

क्रिकेट प्रेमियों के इस देश में कभी कबड्डी की लीग शुरु होगी और हिट भी हो जाएगी शायद ही पहले किसी ने ऐसा सोचा होगा. आज प्रो-कबड्डी के मैचों में अमिताभ बच्चन से लेकर सचिन तेंदुलकर जैसी हस्तियां एक छत के नीचे बैठकर कबड्डी-कबड्डी कह रहे हैं. साथ में वो ये भी दोहराना नहीं भूलते कि ये तो अपने देश का खेल है और इसे बढ़ावा दिया ही जाना चाहिए.

भारत में प्रो-कबड्डी लीग का ये पहला सीजन है. 26 जुलाई से शुरु हुए टूर्नामेंट में कुल आठ कबड्डी टीमें हैं  जिनमें कई देशी-विदेशी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. टीमों की मालिकियत भी इसकी सफलता की कहानी बयान करता है. अभिषेक बच्चन, रोन्नी स्क्रूवाला और फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी जैसे नामचीन लोगों ने लीग में अपना पैसा लगाया है.

पहले सीजन की सफलता के बाद ऐसा उम्मीद की जा सकती है कि जमीन से जुड़े इस खेल में लोगों की रुचि बढ़ेगी. कबड्डी को देश में बढ़ावा मिलेगा और आने-वाले दिनों में हमें प्रो-कबड्डी लीग के अगले सीजन भी देखने को मिल सकते हैं.

कबड्डी लीग से पहले देश में हॉकी लीग का भी ज़ोर देखने को मिला. साल 2013 में शुरु हुई हॉकी इंडिया लीग ने खेलप्रेमियों को टर्फ के मैदान की ओर खींचा. दुनियाभर से हॉकी के कई दिग्गज खिलाड़ी भारतीय मैदानों पर अपना जौहर दिखाते नज़र आए. हॉकी लीग का पहला सीजन जहां रांची राइनोज ने जीता वहीं दूसरे सीजन में दिल्ली की टीम को जीत मिली.

हॉकी में अपने स्वर्णिम इतिहास के बाद हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय फ़लक पर भारतीय हॉकी टीम कहीं खोई सी दिखाई पड़ती है. ऐसे में हॉकी लीग के जरिए लोगों का हॉकी के प्रति रुझान बढ़े और इस खेल की अहमियत को समझते हुए हम हॉकी में अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराने का सपना देख सकते हैं. लीग ने भी अपने दो सीजन पूरे कर लिए हैं और नई चुनौतियों के साथ अगले सीजन का आग़ाज़ भी जल्द ही होगा.

लीग खेलों के अगले चरण में अब बारी दुनिया के सबसे पसंदीदा खेल फुटबॉल की है. फीफा का फीवर अभी उतरा भी नहीं है और भारत में इंडियन सुपर लीग की शुरुआत होने जा रही है. 12 अक्टूबर से 20 दिसंबर तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा लेंगी.

इंडियन सुपर लीग में स्पेन, फ्रांस, ब्राजील समेत कई देश के खिलाड़ी शिरकत कर रहे हैं. फुटबॉल लीग की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से लेकर बॉलीवुड स्टार जॉन अब्राहम ने टीमों की फ्रेंचाइजी खरीदी है. सचिन ने केरला ब्लास्टर्स की टीम में हिस्सेदारी खरीदी है. जबकि चेन्नई क्लब की फ्रेंचाइजी अभिषेक बच्चन के पास है, छोटे बच्चन ने प्रो-कबड्डी लीग में पिंक पैंथर्स की टीम को भी खरीद रखा है.

सुपर लीग में मुबंई की टीम में बॉलीवुड अभिनेता रणवीर कपूर की हिस्सेदारी है. जबकि जॉन अब्राहम ने नार्थ ईस्ट यूनाइटेड क्लब में अपनी हिस्सेदारी खरीदी है. इस लीग ने अपने आधिकारिक पेज पर टूर्नामेंट के जरिए 2026 के फीफा वर्ल्ड कप में भारत को क्वालीफाई कराने का लक्ष्य रखा है.

क्रिकेट से लेकर हॉकी, कबड्डी और अब फुटबॉल के लीग टूर्नामेंट से मुनाफ़ा भले ही प्रायोजकों और फ्रेंचाइजी को हो. यहां खेलों की लोकप्रियता को भी सितारों की मौजूदगी और भीड़ इकट्टा करने की प्रतिस्पर्धा से जोड़कर देखा जाए. लेकिन फिर भी इन खेलों के आयोजन से खेलप्रमियों को अपने पसंदीदा खेल को नजदीक से जानने-समझने का मौका मिलता रहेगा. साथ में हाशिए पर गए खेलों और खिलाड़ियों पर अगर लोगों का ध्यान जाए तो ऐसे टूर्नामेंट के माध्यम से देश में खेलों के प्रति माहौल बनाने में मदद मिलेगी. देश के युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक बनाने के लिए ये प्रयोग कारगर साबित हो सकते हैं.