भारत का आर्थिक रसूख

Sandeep Yash
File Photo: Currency

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नमस्कार, IMF (2019) की रिपोर्ट में भारत को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया गया है। इसने पिछले पांच वर्षों में लगभग 7% की विकास दर बनाये रखी है, कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं, लेकिन और अधिक करने की गुंजाईश है।  क्या भारत एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति है। क्या उससे जुड़े संकेत है। आइये, इस तस्वीर को गौर से देखते हैं।

KEY INDICATORS 1990 2000 2010 2019
GDP $320.98 Billion $468.39 Billion $1,675.62 Billion $2,875.14 Billion
FDI $0.24 Billion $3.58 Billion $27.40 Billion $50.61 Billion
Exports $22.64 Billion $60.88 Billion $375.35 Billion $536.56 Billion
Inflation 8.97% 4.01% 11.99% 7.66%
External Debt: % of GDP ( in rupees) 38% 22.50% 16.90% 19.80%
Gross National Income (Per Capita in $) 38000% 440 1220 2130
Foreign Exchange           $ 5.8 billion               (1990 Dec- March 91) $37 billion $ 297.3 bn  $451.7 billion

– भारत में असाधारण संभावनाएं हैं। 2025 तक दुनिया की कामकाजी उम्र की आबादी का पांचवां हिस्सा भारतीय होगा। 2030 तक भारत में 85 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता होंगे।

–   IMF की रिपोर्ट के मुताबिक़ उच्च विकास दर बनाये रखने के लिए भारत को बैंकिंग एवं कॉर्पोरेट सेक्टर में सुधार, केंद्र और राज्य स्तर पर खर्च और  क़र्ज़ पर अंकुश,

–   भारत का औसत लागू टैरिफ आज 1990 का दसवां हिस्सा भर है।

–  1990 में, जीडीपी के अनुपात में कुल व्यापार लगभग 13 प्रतिशत था। आज यह 40 फीसदी है।

– पिछले 20 वर्षों में  भारत में आते एफडीआई के स्टॉक में हर बरस 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

– मजबूत अर्थव्यवस्था, अंतराष्ट्रीय मंच पर सशक्त हस्ताक्षर और सॉफ्ट पावर भारत के वैश्विक प्रभुत्व रअनींति के तीन बिंदु हैं

– भारतीय विकास के कारक सीधे उसकी संरचना से जुड़े है। उनमें दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण आबादी का शहरीकरण शामिल है,

– अनौपचारिक व्यवस्था में काम कर रहे श्रमबल को औपचारिक व्यवस्था में शामिल करना

– Economic Survey 2018-19 भारत को 2041 Demographic Dividend का लाभ मिलेगा। अभी हमारे युवा वर्ग की मध्य आयु 27 बरस है

– 1991  में लाइसेंस -परमिट राज के खत्म होने से भारतीय उद्योग को खुला आसमान मिला।  Forbes पत्रिका के मार्च, 2020 एडिशन के मुताबिक़
इस वक़्त भारत में 100 से अधिक अरबपति शख्सियतें हैं

– बुनियादी ढांचे के बिना सतत विकास संभव नहीं।  2019 -2023 के बीच भारत सरकार ने इसके विकास के लिए 1 4 ख़रब डॉलर का लक्ष्य रखा है।  इसके अलावा 2018 -2030 के बीच सरकार रेलवे के विकास पर 750 अरब डॉलर खर्च करेगी।

–  Purchasing power parity के हिसाब से भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है

– दुनिया भारत के 10 सेक्टर्स से उम्मीद रख रही है
a. Flagship sector- education
b. Lead sectors – agribusiness, resources, tourism
c  Promising sectors – energy, health, financial services, infrastructure, sport, science and innovation

– 2003 के तीसरे क्वार्टर में भारत ने 10.4% की रिकॉर्ड विकास दर हासिल की थी

– अगस्त 2020 में भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार 538 अरब डॉलर था और दुनिया में हम 6 वे स्थान पर हैं।  भारत के विदेशी मुद्रा भण्डार में नकदी, सोना, बॉन्ड, बैंक डिपाजिट और विदेशी मुद्राएं शामिल हैं।

– World Bank की Global Monitoring Report ( 2014-15) के मुताबिक़ 2008 से 2011 के बीच गरीबी कम करने में भारत का सबसे बड़ा योगदान रहा।
देश में लगभग 14 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से ऊपर उठाया गया था।

– अर्थयवस्था को उर्जित रखने के लिए काबिल हाथ ज़रूरी हैं।  17 जनवरी, 2020 तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 73.47 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चूका था।  लक्ष्य 1 करोड़  का है।

– मिडिल क्लास देश की कुल आबादी का 28 % है।  ये वर्ग बाज़ार की दिशा, दशा और मांग तय करता है।

– वैश्विक जीडीपी में भारत का 3. 2 % योगदान है

– 2009 में जब G-20 बना तो भारत इस ग्रुप का एक महत्वपूर्ण सदस्य था।

-भारत कृषि उत्पादन में दुनिया भर में दूसरे और कृषि निर्यात में सातवें स्थान पर है। देश चाय, कॉफी, चीनी, अनाज, मसाले, चावल, गेहूं और आलू के उत्पादन में विश्व के 3 शीर्ष उत्पादकों में है।

-टेलीकम्यूनिकेशन, फार्मा ,आई टी और ऑटोमोबाइल सेक्टरों में भारत दुनिया में ऊंचा स्थान रखता है

-2006 में भारत की जीडीपी में external trade की हिस्सेदारी 24% थी।  ये 1985 में कुल 6% थी। आज  वैश्विक निर्यात में भारत 10 वें स्थान पर है।