भूंकप से नेपाल में जान-माल का भारी नुकसान, भारत भी हिला

Vimal Chauhan

Nepal_towerशनिवार को आए तेज भूकंप से नेपाल, भारत सहित कई जगहों पर जान-माल का भारी नुकसान हुआ. नेपाल में भूकंप से अबतक 700 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हुए हैं. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.9 मापी गई. भूकंप का केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू से 83 किलोमीटर दूर लमजुंग था.

भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.9 मापी गई. भूकंप का केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू से 83 किलोमीटर दूर लमजुंग था. इस भीषण भूकंप से नेपाल में कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं जिसमें मशहूर 9 मंजिला धारहारा मीनार भी शामिल है.

नेपाल में भारी जान- माल के नुकसान के साथ ही भारत में भूकंप से 34 लोग मारे गए. मारे गए लोगों में 23 लोग बिहार, 8 उत्तर प्रदेश और 3 पश्चिम बंगाल से है. इसके साथ ही कई लोग घायल भी हुए हैं और अभी भी इमारतों में फंसे हुए हैं.

नेपाल में स्थानीय समयनुसार सुबह 11.56 पर पहली बार भूकंप के झटके महसूस किए गए. मारे गए और घायलों की संख्या के बारे में नेपाल पुलिस के प्रवक्ता कमल सिंह ने कहा कि मृतकों की संख्या के बारे में कहना अभी जल्दबाजी होगी, हालांकि काठमांडू में एक इमारत पूरी तरह से गिर गई है, पोखरा में कुछ लोग घायल हुए हैं और गोरखा ज़िलें में 10-12 लोग मारे गए हैं.

भूकंप से नेपाल में यातायात और संचार सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं. कई जगह पर सड़कें धंस गई हैं और मोबाइल टॉवर गिर गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप पर चिंता जताते हुए नेपाली प्रधानमंत्री सुशील कोराइला से फोन पर बात की. प्रधानमंत्री ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. भारत से राहत कार्यों में सहायता के लिए एनडीआरएफ की दस टीमें नेपाल भेजी गईं.

नेपाल में भारतीय दूतावास के प्रवक्ता अभय कुमार ने कहा, “इस भूकंप से कई इमारतों की दीवारों में दरार आ गई हैं और दूतावास ने भूकंप प्रभावितों के लिए दो हैल्पलाइनें भी चालू की हैं”. नेपाल में अपने परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए 91-11-23012113 और 91-11-23014104 पर पूछताछ की जा सकती है.

इस भीषण भूकंप में पूरी तरह से नष्ट हुए एतिहासिक इमारत धारहारा टॉवर से कई मृतकों और घायलों को निकाला गया.

भूकंप की वजह से कई फलाइटस के रूटों में बदलाव करना पड़ा और काठमांडू जाने वाली कई फ्लाइटस को भारत की ओर मोड़ दिया गया है.

शुरुआती खबरों के मुताबिक दक्षिण भारत के कई हिस्सें में भूकम्प के झटके महसूस किए गए. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भूकम्प के चलते अपना दिल्ली दौरा छोटा कर दिया. साथ ही साथ उन्होंने अधिकारियों को लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीटर पर जानकारी देते हुए कहा, “ हम स्थित पर नज़र बनाये हुए हैं विशेषकर दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी में और इस मुद्दे पर प्रकृतिक आपदा प्रबंधन और अन्य लोगों से हमने चर्चा की”.