मंगल के क़रीब मंगलयान, 80 फ़ीसदी सफ़र तय

RSTV Bureau

mars_missionअंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का पहला बड़ा कदम अपनी सफलता के दरवाजे पर पहुंच चुका है. लाल ग्रह के लिए रवाना हुए देश के पहले मंगलयान ने अपना 80 फीसदी सफ़र पूरा कर लिया है.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के मुताबिक मंगलयान ने अब तक 54 करोड़ किलोमीटर की यात्रा तय की है और 24 सितंबर तक यान के मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने की संभावना है.

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर इसरो के आधिकारिक पेज पर यह जानकारी दी गई, जिसके मुताबिक मंगलयान और इसके सभी अंतरिक्ष उपकरण पूरी तरह सुचारू हालत में हैं.

करीब 10 महीने के अपने सफर में मंगलयान ने कई अहम पड़ाव कर लिए हैं. 5 नबंवर 2013 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से मंगलयान को लक्ष्य के लिए भेजा गया था. 450 करोड़ की लागत से भेजे गए इस अंतरिक्ष मिशन से भारत को कई उम्मीदें हैं.

मंगलयान वहां पहुंचकर मंगल ग्रह के वातावरण का बारीकी से परीक्षण करेगा और साथ में इससे ग्रह पर मीथेन गैस की मौजूदगी के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी. वैज्ञानिकों को मंगल यान के जरिए अंतिरक्ष के बारे में कई अनछुए पहलूओं को भी जानने में भी मदद मिल सकती है.

इसरो के चेयरमैन के राधाकृष्णन ने पिछले सप्ताह ही संभानवा जताई थी कि भारत एक और मंगल मिशन की योजना बना रहा है. इसरो चेयरमैन के मुताबिक 2017 से 2020 के बीच इस पर विचार किया जा सकता है.

राधाकृष्णन ने बताया कि मंगल मिशन पर आखिरी फैसला मौजूदा मिशन की सफलता पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि ये मिशन इसरो की क्षमताओं को दर्शाने के लिए है जबकि अगला मिशन पूरी तरह वैज्ञानिक मिशन होगा.