मुजफ़्फ़नगर दंगा मामले में 10 लोगों पर केस दर्ज

akhilesh_yadavमुज़फ़्फरनगर ज़िला प्रशासन ने भड़काऊ भाषण मामले में 10 लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की है. प्रशासन ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गरिमा चौधरी के समक्ष मामले को दर्ज किया.

अभियुक्तों में बहुजन समाज पार्टी के पूर्व सांसद क़ादिर राना और यूपी से कांग्रेस के पूर्व मंत्री रहे सईदुज़्जमा के अलावा कई राजनीतिक लोग शामिल हैं.

ज़िला प्रशासन ने ये मामला 30 अगस्त 2013 को ज़िले के खालापार में दिए गए भड़काऊ भाषण के संदर्भ में दर्ज किया है. गौरतलब है कि भड़काऊ भाषण के बाद कवल गांव में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल बन गया था.

अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट इंद्रमणि त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि उन पर निषेधात्मक चीज़ों का उल्लंघन, हिंसा भड़काने और भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिकता को उकसाने के तहत मामला दर्ज किया गया है.  इस पूरे मामले की अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी.

इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक इस मामले की जांच कर रही एसआईटी पहले ही इन 10 लोगों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण देने के मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाख़िल कर चुकी है.

क़ादिर राना के अलावा बीएसपी विधायक नूर सलीम राना, मीरण पूर के सांसद मौलाना जमील, कांग्रेस नेता सईदुज़्जमा और उनके बेटे सलमान सईद, सीटी बोर्ड मेंबर असद ज़मा अंसारी, पूर्व सीटी बोर्ड मेंबर नौशाद कुरैशी, ट्रेडर एहसान कुरैशी, सुल्तान मुशीर और नौशाद के ख़िलाफ़ भी चार्जशीट दायर की गई है.

बीते साल सितंबर में मुज़फ़्फ़रनगर में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी जिसमें 62 लोगों की मौत हो गई थी और 50 हज़ार से ज़्यादा लोगों को बेघर होना पड़ा था.