रेल बजट 2014-15 : कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

RSTV Bureau

rail_budget720रेल बजट में रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने कई अहम और नई घोषणाएं की हैं. यह बजट एक तरह से रेलवे के आधुनिकीकरण और सुविधा पर ज़ोर देते हुए रेलवे को नए ज़माने के परिवहन तंत्र की तरह विकसित करने के संकेत दिए हैं. रेल बजट की कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं—

यात्री और माल भाड़े में कोई अतिरिक्त बढ़ोत्तरी नहीं.

मुंबई अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन.

तेज़ रफ़्तार रेलगाड़ियों के लिए हीरक चतुर्भुज.

नौ सेक्टरों में ट्रेनों की रफ़्तार 160-200 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने की योजना.

ऑनलाइन बुकिंग में अब 7,200 टिकट प्रति मिनट बुक कर पाने की सुविधा. एक ही समय में 1.2 लाख लोगों को लॉग-इन करने की गुंजाइश.

रेल आरक्षण व्यवस्था में बड़े सुधार. डाकखाने और मोबाइल फोन के ज़रिए आरक्षण को बढ़ावा.

अब अनारक्षित टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट भी मिलेंगे ऑनलाइन.

स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट और पार्किंग टिकट कॉम्बो की व्यवस्था.

महिला डिब्बों की सुरक्षा के लिए महिला आरपीएफ़ कांस्टेबलों की व्यवस्था. चार हज़ार महिला कांस्टेबलों की नियुक्ति के लिए प्रावधान.

यात्री प्रतीक्षालय अब सभी रेलवे स्टेशनों पर.

विशेष शारीरिक स्थितियों वाले लोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रमुख स्टेशनों पर बैटरी-चालित कारों की व्यवस्था.

आईवीआर के ज़रिए खाने की गुणवत्ता पर दीजिए अपनी प्रतिक्रियाएं.

अब एसएमएस और फोन के ज़रिए भी खाने का ऑर्डर दे सकते हैं. प्रमुख स्टेशनों पर फूड कोर्ट बनाए जाएंगे.

स्वच्छता बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी.

अब सीसीटीवी के ज़रिए होगी स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी.

स्टेशनों और ट्रेन के अंदर आरओ फिल्टर पेयजल.

58 नई रेलगाड़ियां और 11 रेलगाड़ियों के रूट का विस्तार; मुंबई में अगले दो वर्षों के दौरान 864 अतिरिक्त ईएमयू ट्रेनें.

रेलवे परियोजनाओं में विदेशी निवेश लेकिन संचालन व्यवस्था को रखेंगे बाहर.

रेलवे के बुनियादी ढांचे में घरेलू और विदेशी निवेश.

ऑफिस ऑन व्हील्सः कुछ ट्रेनों में इंटरनेट और वर्कस्टेशंस की सुविधा.

कुछ रेलगाड़ियों और ए-वन, ए श्रेणी के स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा.

तकनीक और ग़ैर-तकनीक विषयों के लिए रेल विश्वविद्यालय की स्थापना. इसमें अन्य उच्चस्तरीय संस्थानों से भी ली जाएगी मदद.

पीपीपी मॉडल के तहत कुछ स्टेशनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा.

पार्सल के लिए अलग टर्मिनल ताकि यात्रियों को न हो परेशानी.

वर्ष 2014-15 के लिए अनुमानित खर्च 149,176 करोड़ रूपए.