वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए बैठक- राज्य सभा महासचिव की नई पहल

Panchanan Mishra

पूरे देश मे इस वक़्त कोरोना वायरस की वजह से लॉक डाउन की स्थिति में लोग अपने घरों में रहने को विवश हैं, दफ्तर सूने हो गए हैं और जरूरी काम काज घरो से करने को लोग विवश है। ये खासकर उन कर्मचारियों के लिए और विवशता भर हो जाता है जिनका इस लॉक डाउन में रिटायरमेंट है और सेवाकाल के दौरान ऑफिस की गहमागहमी से उलट रिटायरमेंट के दौरान वो अपने साथियों से विदाई भी नहीं ले पाता। लेकिन राज्य सभा सचिवालय ने इसको देखते हुए आज एक अनूठा प्रयोग किया। राज्य सभा के महासचिव देश दीपक वर्मा ने सालों की लंबी सेवा के बाद 31 मार्च को रिटायर हुए तीन अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग करके विदाई दी।

महासचिव की इस अनूठी पहल के वक्त वीडियो कांफ्रेंसिग में साथी कर्मी भी मौजूद रहे और रिटायर होने वाले कर्मचारी भाव-विभोर नज़र आये। यहां तक कि रिटायर होने के बाद के फंड और उनकी सभी देनदारियों के चेक और ड्रॉफ्ट भी तत्काल ऑन लाइन प्रदर्शित किए गए। मकसद था संकट के इस वक्त जब लोग अपने अपने घरों में कैद हैं उन्हे जुड़ाव की भावना से जोड़े रखना। महासचिव ने रिटायर हो रहे लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिये हुए इस समारोह से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। सभी ने इस पहल को सराहा और कहा कि अपने साथियों से बात करके उन्हें डी -स्ट्रेस होने में मदद मिली है. अब निर्णय लिया गया है कि वीडियो कनफेर्नेसिंग लॉक आउट के दौरान हर सप्ताह की जाती रहेगी।

इसके बाद महासचिव ने करीब आधे घंटे तक सचिवालय के 50 से ज्यादा अधिकारियों से कामकाज को लेकर चर्चा और समीक्षा की। उन्होंने इस बात की सराहना की कि घर से ही जरुरी काम निपटाए जा रहे हैं| हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि जरुरत पड़ने पर सभी को दफ्तर आने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि वर्क फ्राम होम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारिओं के पास वो वक्त है जिससे वो न सिर्फ अपने पेंडिंग काम निपटा सकते हैं साथ ही अपना ज्ञानवर्धन कर सकते हैं। उन्होंने उदारहण देकर कहा कि विभिन्न देशों में संसद की दो सदनीय व्यवस्था के बारे में उन्होंने व्यवक्तिगत तौर पर शोध विभाग से जानकारी मांगी है।

इस दौरान बताया गया कि अब तक 53 राज्य सभा सांसदों ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए बने फंड में सांसद निधि से योगदान की सहमति जताई है। राज्य सभा सचिवालय के कर्मी भी एक दिन की तनख्वाह इस फंड में दान कर रहे हैं जिससे कम से कम 33 लाख रुपए इक्टठा होंगे। कई अन्य विभागीय मुद्दों पर भी इस दौरान चर्चा हुई और निर्णय लिए गए। महासचिव देश दीपक वर्मा ने कहा कि अगली बैठक में अधिकारियों के परिजनों से भी चर्चा होगी ताकि जुड़ाव की भावना बनी रहे।

भले ही लॉकडाउन में अधिकारी कर्मचारी दफ्तर नहीं आ रहे हैं लेकिन सचिवालय में बीते हफ्ते तीन ऐसे मौके आए जब देर रात तक कई लोगों को रुकना पड़ा। राज्य सभा के सत्रावसान, टीआरएस सांसद के चंद्रशेखर राव और आरजेडी के प्रेमचंद्र गुप्ता के इस्तीफे और समाजवादी पार्टी के सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के निधन के बाद औपचारिक कामकाज काफी बढ़ गया था। इसी तरह आने वाले हफ्ते में तीन अप्रैल को कई नए निर्वाचित राज्य सभा सांसदों की शपथ और औपचारिकताओं के लिए नोटिस ऑफिस और टेबल ऑफिस में कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी रखनी होगी।