शनिवार से दिल्ली में विश्व पुस्तक मेला

Anugrah Mishra

booksपुस्तक प्रेमियों के लिए दिल्ली में विश्व पुस्तक मेले का 23वां संस्करण 14 फरवरी से शुरू हो रहा है. पिछले 41 सालों से नेशनल बुक ट्रस्ट विश्व पुस्तक मेले का आयोजन कर रहा है. दिल्ली के प्रगति मैदान में लगने वाले इस मेले में 1500 से अधिक प्रकाशक शामिल होंगे. किताबों के इस मेले में सेमिनार, पुस्तक विमोचन, वर्कशॉप, सांस्कृतिक कार्यक्रमों समेत लगभग एक हजार साहित्यिक आयोजन होंगे.

इस बार सिंगापुर को विश्व पुस्तक मेले का गेस्ट ऑफ ऑनर कंट्री बनाया गया है. इसके लिए पवेलियन हॉल नंबर सात में ऑनर कंट्री की किताबों का प्रदर्शन होगा. इस पवेलियन में साहित्यिक बहस, लेखकों, व्यापारियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक लंबा दौर चलेगा. सिंगापुर के लेखकों, प्रकाशकों और स्कॉलर्स का एक बड़ा पैनल इस पुस्तक मेले में शामिल होगा.

विश्व पुस्तक मेले में पहली बार फोकस कंट्री का कॉंसेप्ट भी शुरू किया जा रहा है. फोकस कंट्री के तौर पर दक्षिण कोरिया को चुना गया है. हॉल नंबर सात में ही इसका पवेलियन होगा जिसमें कोरिया की 200 पुस्तकें प्रदर्शन के लिए लगाई जाएंगी. कोरिया, बच्चों की सचित्र पुस्तकों के लिए खासा मशहूर है उन्हीं पुस्तकों में कुछ ही झलकियां आप मेले में भी देख सकेंगे.

मेले में 30 विदेशी प्रकाशक भी शामिल हो रहे हैं जिनमें सबसे अधिक संख्या पांच पाकिस्तानी प्रकाशकों की है. हर बार पुस्तक बिक्री के मामले में पाकिस्तानी प्रकाशकों ही अव्वल रहते हैं. पाकिस्तान से ज्यादातर प्रकाशक सिंधी, उर्दू, हिन्दी और अंग्रेजी की पुस्तकें यहां लाते हैं.

पूर्वोत्तर भारत को इस बार पुस्तक मेले की थीम बनाया गया है. थीम का नाम ‘सूर्योदय: पूर्वोत्तर भारत का उभरता स्वर’ रखा गया है.  पूर्वोत्तर भारत की सुंदरता के बारे में सब जानते हैं लेकिन मेले में आप वहां के समृद्ध साहित्य और संस्कृति से परिचित हो सकते हैं. हॉल नंबर सात के ई ब्लॉक में लगने वाला थीम पवेलियन आपको पूर्वोत्तर के साहित्य,  इतिहास, चर्चाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से परिचित कराने वाला है. इसके जरिए आप पूर्वोत्तर को करीब से जान-समझ सकते हैं.

विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए अहम आकर्षण का केंद्र रहता है. सिलेबस की किताब-स्टेशनरी के साथ-साथ चिल्ड्रंस पवेलियन की गतिविधियां बच्चों को इस ओर खींच लाती हैं. हॉल नंबर एक ए और एक आर को बच्चों का कोना बनाया गया है जहां बच्चों की रुचि के मुताबिक पुस्तकें मिलेंगी. साथ ही यहां निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता, कहानी वाचन, लेखकों-चित्रकारों से बातचीत के भी तमाम कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

विश्व पुस्तक मेले में पुस्तकों और साहित्य के पाठक साहित्य के अवाला किताबों में रुचि लेने वालों का जमावड़ा रहता है. अंग्रेजी के 584, हिन्दी के 277 समेत विभिन्न भाषाओं के 900 से अधिक प्रकाशक हॉल नंबर बारह में आपके लिए उपलब्ध रहेंगे. इसके अलावा हॉल नंबर आठ, दस, बारह और चौदह में लगने वाले ऑथर्स कॉर्नर,  साहित्य और लेखक मंच साहित्य प्रेमियों से संवाद स्थापित करने के लिए तैयार हैं.