श्रीलंकाई संकटमोचक की ‘आखिरी’ विदाई

Anugrah Mishra

Kumar-Sangakkaraभारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में चल रहा दूसरा टेस्ट मैच दोनों ही टीमों के लिए ख़ास मायने रखता है। भारतीय टीम पहला टेस्ट गंवाने के बाद दूसरे मैच में बराबरी के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं श्रीलंकाई टीम अपने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी की विदाई पर उसे जीत का तोहफा देना चाहेगी और वह खिलाड़ी हैं, कुमार संगाकारा।

भारत के खिलाफ मौजूदा टेस्ट के बाद कुमार संगाकारा टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह देंगे। 2015 के वर्ल्ड कप के बाद संगाकारा वनडे क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। श्रीलंकाई टीम के ‘संकटमोचक’ संगाकारा अपने करियर के आख़िरी दौर में अपनी सबसे बेहतरीन फॉर्म में हैं।

संगाकारा के कीर्तिमानों की बात करें, तो दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन के बाद सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। संगाकार ने अबतक 11 दोहरे शतक लगाएं हैं और डॉन ब्रैडमैन से सिर्फ एक शतक पीछे हैं।

टेस्ट में बेस्ट

संगाकारा ने अपने करियर में अबतक 133 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उनके 12 हजार 350 रन हैं। रनों के मामले में वह दुनिया के पांचवें बल्लेबाज हैं। टेस्ट क्रिकेट में संगा के नाम सबसे कम पारियों में आठ, नौ, दस, ग्यारह और बारह हजार रन बनाने का रिकॉर्ड है। इसके अलावा टेस्ट में उनके नाम 38 शतक और 52 अर्द्धशतक हैं।

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने न केवल बल्ले से अपनी काबिलियत को दिखाया बल्कि फील्डिंग के समय टीम के लिए विकेट के पीछे कीपिंग के दस्तानों को भी संभाला। संगा ने टेस्ट में 182 कैच और 20 स्टंप आउट किए।

बीते दो सालों में वह अपने करियर की जबरदस्त फॉर्म में हैं, उन्होंने इस दौरान 15 टेस्ट मैच खेले जिसमें 77 से भी ज्यादा की औसत से 2,158 रन बनाए जबकि उनका ओवरऑल औसत 58 का रहा है।

वनडे का विकेटकीपर बल्लेबाज

संगाकारा वर्ल्ड कप के बाद ही वनडे को अलविदा कह चुके हैं। संगा ने 404 वनडे मैच खेले हैं जिनमें उनके 14, 234 रन हैं। रनों के मामले में वह सिर्फ मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से ही पीछे हैं। पिछला वर्ल्ड कप उनके करियर का सबसे शानदार वर्ल्ड कप रहा, वर्ल्ड कप के लगातार चार मैचों में चार शतक लगाकर वह दुनिया के पहले बल्लेबाज बने।

शतकों के मामले में संगाकारा 25 शतकों के साथ चौथे पायदान पर हैं और वनडे में उनके नाम 98 अर्द्धशतक भी दर्ज हैं। टेस्ट की तरह वनडे में भी संगाकारा ने बीते दो सालों में शानदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान उन्होंने 65 वनडे मैच खेले, जिसमें 60 की औसत से 3,129 रन बनाए जबकि उनका ओवरऑल औसत 42 का रहा है।

विकेट के पीछे रहते हुए वनडे में संगाकारा ने 402 कैच लपके और उनके नाम 99 स्टंपिंग का रिकॉर्ड है। साल 2014 के क्रिकेट कैलेंडर में सभी फॉर्मेट में रन बनाने के मामले में वह टॉप पर हैं, उन्होंने इस दौरान 2,868 रन बनाए।

टीम का अनुभवी खिलाड़ी

मौजूदा दौर की श्रीलंकाई टीम अनुभवहीन है। टीम में संगाकारा के बाद कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ही टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं, लेकिन टीम में उनकी भूमिका बतौर ऑलराउंडर आंकी जाती है। मैथ्यूज के खाते में सिर्फ 49 टेस्ट मैच हैं।

सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान और महेला जयवर्धने के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद टीम को भरोसेमंद खिलाड़ी की जरूरत है जो विकेट पर संभलकर बल्लेबाजी कर सके। संगाकारा के जाने के बाद सलामी बल्लेबाज दिमुथ करूनारत्ने और कुशाल सिल्वा के अलावा उपुल थरंगा, लाहिरू थिरिमान्ने को बड़ी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी।

टीम में विकेटकीपिंग का जिम्मा 25 वर्षीय दिनेश चांदीमल के ऊपर होगा। चांदीमल ने अभी तक सिर्फ 19 टेस्ट मैच खेले हैं जबकि उनके पास 100 वनडे मैचों का अनुभव है। हालांकि पिछले टेस्ट में चांदीमल ने 162 रनों की शानदार पारी खेली थी जिसकी बदौलत ही गॉल में श्रीलंका जीत दर्ज कर पाया।

महानायकों के बीच एक नायक

संगाकारा के लिए कोलंबा का मैदान यादगार रहा है क्योंकि उन्होंने अपने करियर के सबसे ज्यादा दोहरे शतक इसी मैदान पर बनाएं हैं। कोलंबों में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में संगा, महेला जयवर्धने के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं। संगाकारा की विदाई के लिए कोलंबो का मैदान सज चुका है। श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने अपने इस महान खिलाड़ी की विदाई के लिए श्रीलंका और भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों को न्यौता भेजा है।

संगाकारा ऐसे खिलाड़ी रहे, जो धीरे-धीरे क्रिकेट में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते रहे और उनको कभी वह दर्जा नहीं मिला, जिसके वह हक़दार थे। सचिन, पोटिंग, जयसूर्या और मुरलीधरन सरीखे खिलाड़ियों की फेहरिस्त में वह कभी नहीं आ पाए लेकिन अपने रिकॉर्ड्स से उन्होंने यह बता दिया कि वह किसी से कम भी नहीं हैं। अब सबकी निगाहें कोलंबो टेस्ट पर टिकी हैं, जहां ये देखना दिलचस्प होगा कि वह खुद को कैसी विदाई देते हैं!