संघ की विचारधारा में सबके विचारों को जगह नहीं: राहुल गांधी

Vimal Chauhan
File Photo ( PTI )

File Photo ( PTI )

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर मोदी सरकार और संघ पर ज़ोरदार हमला बोला. दिल्ली में एनसयूआई कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारी विचारधारा शुरु से ही सबके विचारों को सुनने की रही है लेकिन आजकल देश में सिर्फ एक आदमी ही सब कुछ जानता है.

राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे संगठन में हर किसी की बात सुनी जाती है. हमारा संगठन हर किसी को सुनना चाहता है लेकिन बीजेपी में ऐसा नहीं है. बीजेपी में सिर्फ एक ही व्यक्ति हर बात जानता है चाहे वह किसानों की हो या कपड़ों की.

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी में विचारधारा में बड़ा फर्क है. कांग्रेस में हर किसी की बात सुनी जाती है जबकि संघ में लाइन लगती है और लाइन तोड़ने पर लाठी पड़ती है. संघ को नहीं पता है कि हर व्यक्ति की अपनी सोच होती है. प्रधानमंत्री देश पर संघ की इसी विचारधारा को थोपना चाहते हैं.

संघ के अनुशासन को दिखावा बताते हुए राहुल गांधी ने कहा संघ में लोग अनुशासन से रहते हैं, जो अनुशासन से बाहर जाता है उसको सजा मिलती है. संघ का अनुशासन एक दिखावा है. लेकिन हम लोगों में अनुशासन इसलिए नहीं आ पाता कि क्योंकि हमारे संगठन में सबकी बात सुनी जाती है. संघ के लोग सिर्फ एक ही दिशा में सोच सकते हैं जबकि हमारे संगठन के लोगों की सोच हर दिशा में हैं.

बुधवार को हुई पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात पर चुटकी लेते हुए राहुल गांधी ने कहा मोदी जी को समझ नहीं आ रहा कि अर्थव्यवस्था कैसे चलती है इसलिए अर्थव्यवस्था समझने के लिए उन्हें मनमोहन सिंह जी को बुलाना पड़ा. प्रधानमंत्री मोदी के लिए मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था पर एक घंटे की पाठशाला लगाई, अब पता नहीं उन्हें कितना समझ आया.

पीएम नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मंगोलिया गए, चीन गए, कई दूसरे देश गए लेकिन किसी किसान का दुख दर्द जानने के लिए उसके घर नहीं गए.

मेक इन इंडिया को फेल करार देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मेक इन इंडिया से कुछ नहीं होने वाला है. इससे जीरो मिलेगा. इसके लिए हिंदुस्तान की आम जनता को भरोसा और ताकत देने की जरूरत है, लेकिन सरकार सोचती है कि दो-तीन कंपनियों को सपोर्ट और फाइनेंस कर दो, इससे कि कुछ नहीं होगा. क्या एक साल में‍ किसी को रोजगार मिला है?

उन्होंने एनसयूआई कार्यकर्ताओं से संघ की विचारधारा को खत्म करते हुए कांग्रेस की विचारधारा को बढ़ाने को भी कहा.