सदानंद गौड़ा ने पेश किया पहला रेल बजट

RSTV Bureau

 

rail_budgetरेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने मंगलवार को संसद में रेल बजट पेश किया. यह रेल बजट नई सरकार के गठन के बाद का पहला रेल बजट है.

रेल बजट पेश करते हुए रेलमंत्री ने कहा कि उनका बजट नई घोषणाओं पर केंद्रित रहने से अधिक इस बात पर ध्यान देता है कि कैसे रेलवे की स्थिति को बेहतर किया जाए और इसे नए तरीके से और मज़बूती के साथ आगे बढ़ाया जाए.

जैसा कि अनुमान था, रेल बजट आधुनिकीकरण और नई तकनीक के साथ-साथ यात्री सुविधाओं और सेवाओं पर ज़ोर देता नज़र आता है.

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रेलमंत्री ने रेल के आधुनिकीकरण, विदेशी और घरेलू निवेश को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर सेवा, सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया कराने पर बल दिया.

रेल बजटः कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

ट्रेनों की रफ़्तार में तेज़ी, बुलेट ट्रेन, नई ईएमयू, फिल्टर पेयजल, नई ट्रेनों और कुछ पुराने रूटों का विस्तार, वाईफाई और बेहतर सफाई व्यवस्था के साथ रेलवे के कायाकल्प का मंगलाचरण नई सरकार ने शुरू कर दिया है.

विरोध भी

हालांकि ऐसा नहीं है कि बजट में सबकुछ अच्छा-अच्छा ही देखा जा रहा है. कई विशेषज्ञ और राजनीतिक दल इस बजट को रेलवे के निजीकरण की शुरुआत की तरह भी देख रहे हैं.
विपक्षी दलों का आरोप है कि इस बजट के ज़रिए रेलवे जैसे बड़े महकमे को सरकार निजी हाथों में सौंपना चाहती है.

सरकार रेल बजट आने से पहले ही रेल भाड़े में बढ़ोत्तरी कर चुकी है और इसका विपक्षी दलों ने खासा विरोध भी किया है.

विपक्षी दलों का तर्क है कि महंगाई की मार से पहले ही लोग त्रस्त हैं. ऐसी स्थिति में रेलभाड़े में बढ़ोत्तरी लोगों के लिए और कष्टप्रद होगी.

उधर सरकार का मानना है कि घाटे से जूझ रही रेल को पटरी पर बनाए रखने के लिए रेलभाड़ों में बढ़ोत्तरी ज़रूरी थी. पिछले कुछ अरसे से लगातार रेलभाड़ों में बढ़ोत्तरी को टाला जा रहा था जबकि यह ज़रूरी हो गया था.