इराक़ से भारतीयों की वापसी का हरसंभव प्रयास

RSTV Bureau

iraq_indianfamilyइराक़ में फंसे 40 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार ने कोई कसर न छोड़ने और सभी संभव प्रयासों से लोगों को वापस लाने की प्रतिबद्धता जताई है.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को कहा कि नागरिकों को वापस लाने के लिए जो काम ऐसे समय में सरकार को करना चाहिए उससे कहीं अधिक प्रयास करने में भारत सरकार लगी हुई है.

इराक़ में फंसे नागरिकों के परिजनों से मुलाक़ात करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “जो लोग इराक़ में फंसे हैं, सरकार उनकी वापसी की हरसंभव कोशिश कर रही है. हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. बस लोग हमपर विश्वास रखें, ईश्वर से प्रार्थना करें और धीरज बनाए रखें”.

उधर इराक़ सरकार ने गुरुवार को कहा कि आईएसआईएस के शिकंजे में फंसे भारतीयों की रिहाई अभी मुश्किल है.

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अक़बरुद्दीन ने गुरुवार को एक प्रेस कॉंफ्रेंस में कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि इराक़ में फंसे भारतीय नागरिकों की ताज़ा स्थिति का पता चल गया है. हालांकि भारतीय नागरिक इस समय किस स्थान पर और कैसे है, इसके जवाब में ज़्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया.

अक़बरुद्दीन ने कहा कि भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हम लगातार इराक़ सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं. इराक़ में पूर्व राजदूत रह चुके सुरेश रेड्डी वहां पहुंच चुके हैं.

इराक़ सरकार ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा कि आईएसआईएस की तरफ से हिरासत में लिए गए सभी भातरीय फिलहाल महफूज़ है, आईएसआईएस की तरफ से अभी तक किसी भी तरह की कोई फिरौती या अन्य कोई मांग नहीं आई है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी ऐसी किसी मांग या फंसे हुए भारतीयों को किसी तरह की धमकी जैसी किसी सूचना से इनकार किया है.

इराक़ में फंसे भारतीयों में से अधिकतर भारत के पंजाब राज्य से हैं. कुछ लोग हिमाचल प्रदेश से भी हैं. पंजाब में परिजनों में दुख और चिंता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल खुद दिल्ली में भारत सरकार की ओर से हो रहे प्रयासों को देख रहे हैं.

पंजाब से कई परिजन दिल्ली में आकर लगातार केंद्र सरकार से यथाशीघ्र भारतीय नागरिकों को वापस देश में लाने के लिए दबाव डाल रहे हैं.