सहारनपुर दंगा: प्रशासन, बीजेपी की भूमिका पर उठे सवाल

RSTV Bureau

saharanpur_violenceउत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले में हुए सांप्रदायिक हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव कि अगुवाई में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने दंगे पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी. इस रिपोर्ट में प्रशासनिक लापरवाही को दंगे के लिए ज़िम्मेदार बताया गया है और साथ ही बीजेपी के एक सांसद पर भी सवाल उठाए गए है.

सपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल ने बताया कि जांच दल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में साफ़ दर्शाया गया है कि यह दंगा प्रशासनिक लापरवाही की वजह से हुआ है.

उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों पर मुक़दमा कर कारवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो सके.

नरेश अग्रवाल ने बताया कि रिपोर्ट में बीजेपी के एक नेता की भूमिका भी सामने आई है.

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में भाजपा के एक स्थानीय सासंद राघव लखनपाल पर दंगा उकसाने का आरोप लगाया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासनिक लापरवाही को ही दंगों के लिए ज़िम्मेदार बताया गया है क्योंकि दंगा भड़काने के बाद ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ.

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंसा वाली रात को प्रशासन ने विवादित स्थान पर लेंटर लगाने की अनुमति दे दी थी, जो कि नहीं देनी चाहिए थी.

बीजेपी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक तरफ़ यह रिपोर्ट दंगे के लिए प्रशासन को ज़िम्मेदार मानती है तो वहीं दूसरी तरफ़ बीजेपी के एक सांसद को दोषी बता रही है. उन्होंने कहा कि जब दंगे के लिए प्रशासनिक अमला ज़िम्मेदार है तो बीजेपी इसके लिए ज़िम्मेदार कैसे हो सकती है.

विजय बहादुर पाठक ने रिपोर्ट को सिरे से ख़रिज करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी इस मसले पर महज़ राजनीति कर रही है.

गौरतलब है कि गत 26 जुलाई को सहारनपुर के कुतुबशेर इलाके में विवादित स्थान पर निर्माण कार्य को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी. जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी थी और तक़रीबन 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे. दंगाईयों ने कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया था.