साहिर के बहाने साहित्य के महानायकों की याद

SansadTV Bureau

gurdeep_sahirभारतीय ज्ञानपीठ ने अपने 70 साल पूरे होने के अवसर पर फ़िल्म और वृत्तचित्र दिखाने की एक श्रृंखला शुरू की है. इसी कड़ी में राज्य सभा टीवी के कार्यकारी निदेशक एवं फ़िल्मकार और पत्रकार राजेश बादल की साहिर लुधियानवी पर बनाई गई फ़िल्म दिल्ली के इंडिया हैबिटाट सेंटर में दिखाई गई.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राज्यसभा टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि राज्यसभा टीवी अपनी स्थापना के बाद से ही लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को दिखाता रहा है. सप्पल ने कहा कि राज्यसभा टीवी साहित्यिक और सांस्कृतिक विषयों और उनसे जुड़ी हस्तियों के माध्यम से खालिस हिंदुस्तानी परंपरा को दिखाने की कोशिश कर रहा है. इस तरह के कार्यक्रम भी राज्यसभा टीवी ने ही सबसे पहले शुरू किए.

साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यसभा टीवी की ये कोशिश है कि अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियों से जुड़ी यादें और उनके कामों को इस तरह के कार्यक्रम के माध्यम से सहेजा जाए ताकि आने वाली पीढ़ी उनके बारे में जान सके. सप्पल ने कहा कि राज्यसभा टीवी अपने कार्यक्रमों के कारण ही काफी कम समय में मीडिया के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है.

अनेक महान शख्सियतों पर वृत चित्र बना चुके राजेश बादल ने साहिर पर फिल्म बनाने की अपनी यादों को ताजा किया.

राजेश बादल ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार चालीस साल पहले मध्यप्रदेश के सागर में साहिर को देखा था तभी से साहिर उनके दिलों दिमाग पर छा गए थे. और जब राज्यसभा टीवी के जरिए उन्हें साहिर पर फ़िल्म बनाने का अवसर मिला तो उन्हें खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

ये उनके लिए एक बड़ी चुनौती भी था. फ़िल्म बनाने के लिए उन्होंने साहिर से जुड़ी तमाम पहलुओं पर पूरा शोध किया. हिंदुस्तान के अलावा पाकिस्तान से भी साहिर से जुड़े दस्तावेज मंगाए.

उन्होंने कहा कि उन्हें तब सबसे ज्यादा खुशी होती है जब पूरी दुनिया में फैले साहिर की शायरी को चाहने वालों के फोन उनके पास आते हैं. इस अवसर पर उन्होंने राज्यसभा टीवी, उसके सीईओ गुरदीप सिंह सप्पल और भारतीय ज्ञानपीठ के निर्देशक लीलाधर मंडलोई का आभार व्यक्त किया.

राजेश बादल साहिर लुधियानवी के अलावा खुशवंत सिंह, कवि गोपाल दास नीरज, कवि प्रदीप, अमृता प्रीतम, रस्किन बॉण्ड, राजेंद्र माथुर,सुरेंद्र प्रताप सिंह, फणीश्वरनाथ रेणु, जोहरा सहगल, शरद जोशी, गीतकार शैलेंद्र, मजरुह सुल्तानपुरी, दुष्यंत कुमार, भूपेन हज़ारिका जैसे अनेक हस्तियों पर वृत चित्र बना चुके हैं.

फिलहाल वे मीना कुमारी के जीवनी पर वृत चित्र बना रहे हैं और महान साहित्यकार प्रेमचंद पर एक फीचर फिल्म बनाने की तैयारी में है.

इस कार्यक्रम में अनेक मशहूर पत्रकार, फिल्मकार और बड़ी संख्या में दर्शक भी मौजूद थे.

इस अवसर पर ज्ञानपीठ की तरफ से एक संवाद का आयोजन भी किया गया जिसमे दर्शकों को साहिर के जीवन और लेखन से जुड़े सवालों के जवाब जानने का अवसर मिला.