सोनिया-राहुल ने ली हार की ज़िम्मेदारी

RSTV Bureau

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते वो इस लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेती हैं.

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हार और जीत होती रहती है. यह जनादेश स्पष्ट रूप से हमारी पार्टी के खिलाफ़ है. हम मतदाताओं के फैसले का विनम्रता के साथ स्वागत करते हैं.”

यूपीए अध्यक्ष के साथ प्रेस को संबोधित करते हुए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी का प्रदर्शन इस चुनाव में काफी बुरा रहा और वो उपाध्यक्ष के तौर पर इस हार के लिए खुद को ज़िम्मेवार मानते हैं.

सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी उपलब्धियों, नीतियों और सिद्धांतों के आधार पर अपने विरोधियों का सामना किया लेकिन वो परिणाम नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी. साथ ही उन्होंने कहा, “हम आशा करते हैं कि केंद्र में जो सरकार बनेगी वो भारतीय समाज की एकता और हित के साथ समझौता नहीं करेगी.”

इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी को फोन पर जीत और चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के लिए बधाई दी.

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव परिणामों को लेकर तस्वीर साफ़ होती गई और भाजपा स्पष्ट बहुमत की ओर जाती नज़र आई, राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाओं का क्रम शुरू हो गया.

जहाँ एक ओर भाजपा की ओर से लगातार उत्साह और उल्लास के संदेश सुनाई दे रहे हैं, बाकी दलों ने हार के कारणों और ग़लतियों के बारे में टिप्पणी और प्रतिक्रियाएं व्यक्त करना शुरू कर दिया है.

सोनिया गांधी ने कहा कि वो नई सरकार को अभी से बधाई देती हैं. हालांकि सोनिया और राहुल में से किसी ने भी अपने संबोधनों के दौरान नरेंद्र मोदी के नाम का ज़िक्र तक नहीं किया.

पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से मुख़ातिब सोनिया ने कहा, “हम अपनी परंपरा और सिद्धांतों के लिए हमेशा संघर्ष करेंगे और कोई समझौता नहीं करेंगे. पार्टी की अध्यक्ष होने के नाते हार की ज़िम्मेदारी स्वीकार करती हूं.”