17वें एशियाड में भारत का शानदार प्रदर्शन

RSTV Bureau

Asian_1दक्षिण कोरिया के इंचियोन में 17वें एशियाड का समापन हो गया. पिछले खेल के मुकाबले इंचियोन एशियाड में भारत पदक तालिका में नीचे खिसक गया लेकिन कुछ पल ऐसे भी आए जिसने पूरे देश को जश्न में डूबने का मौका दिया.

भारत ने इंचियोन में कुल 57 पदक जीते और अंकतालिका में आठवें स्थान पर रहा. भारत ने इस बार 11 स्वर्ण, 10 रजत और 37 कांस्य पदक जीते.

2010 के गुआंगझू एशियाड में भारत 14 स्वर्ण पदक जीतकर अंकतालिका में छठवें स्थान पर रहा था. भारत ने 17 रजत और 34 कांस्य पदकों समेत कुल 65 पदक जीते थे.

हॉकी में भारतीय टीम ने 16 साल बाद स्वर्ण पदक जीता जो अपने आप में काफी अहम है. इस पदक के साथ भारत ने न केवल अपनी कड़े प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को फाइनल मुकाबले में हराया बल्कि भारतीय हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर 2016 के रियो ओलंपिक का भी टिकट हासिल कर लिया है.

कबड्डी में भारत की बादशाहत कायम रही. भारत ने कबड्डी के दोनों स्वर्ण पर कब्जा जमाया. पुरुष कबड्डी टीम ने लगातार सातवीं बार स्वर्ण पदक जीता. पुरुष कबड्डी टीम एशियाड के इतिहास में अब तक कोई भी मैच नहीं हारी है. महिला कबड्डी टीम भी लगातार दूसरी बार सोने का तमगा जीतकर अपना जलवा बिखेरने में कामयाब रही.

स्क्वैश में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा. भारत को स्कवैश में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य मिले. हरिंदर पाल सिंह संधू, सौरभ घोषाल और महेश मनगांवकर की टीम ने देश को स्क्वैश में एशियाई खेलों के इतिहास में पहला स्वर्ण पदक दिलाया. सौरभ घोषाल ने टीम को स्वर्ण पदक दिलाने के अलावा व्यक्तिगत रजत पदक भी जीता. दीपिका पल्लीकल ने टीम रजत के अलावा व्यक्तिगत कांस्य पदक दिलाया. स्क्वैश खिलाडियों ने चारों वर्गों में पदक जीते.

एथलेटिक्स में भारत को कुल 13 पदक मिले. इनमें 2 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य शामिल हैं. सीमा पूनिया ने डिस्कस थ्रो में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया. इसके अलावा एथलेटिक्स में भारत के लिए दूसरा स्वर्ण महिलाओं के 4 गुणा 400 रिले दौड़ में आया. प्रियंका पंवार, टिंटू लुका, मनदीप कौर और एम आर पुवम्मा ने एशियाई खेलों के लिए रिकॉर्ड समय में दौड़ पूरी की. 2010 में भारत एथलेटिक्स में 5 स्वर्ण, 2 रजत और 5 कांस्य समेत 12 पदक हासिल करने में कामयाब रहा था.

बॉक्सिंग में भारत को एक स्वर्ण और 4 कांस्य से संतोष करना पडा. इसमें 5 बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम का स्वर्ण भी शामिल है. विकास कृष्णन, सतीश कुमार, पूजा राजीन और एल सरिता देवी ने कांस्य हासिल किए. पिछले एशियाड में भारत को बॉक्सिंग में 2 स्वर्ण, 3 रजत, 4 कांस्य समेत कुल नौ पदक हासिल हुए थे.

टेनिस में भारत के खाते में एक स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य आए. सानिया मिर्जा और साकेत की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स में भारत को स्वर्ण दिलाया. पुरुष डबल्स में साकेत मिनेनी और सनम सिंह की जोड़ी को रजत पदक हासिल हुआ.

निशानेबाजी में एक स्वर्ण, एक रजत और 7 कांस्य समेत कुल 9 पदक मिले. एशियाई खेलों में पहला पदक भारत को निशानेबाजी में ही मिला. 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में जीतू राय ने गोल्ड पर निशाना साधा.

कुश्ती में भारत के हिस्से में एक स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य आए. 65 किलो वर्ग में पहलवान योगेश्वर दत्त ने स्वर्ण का दांव खेला. महिला पहलवान गीतिका जाखड़ और विनेश फोगट कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं. पिछले एशियाड में भारत के खाते में कुश्ती से सिर्फ तीन कांस्य पदक ही आए थे.

भारतीय तीरंदाजों ने एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य हासिल किए. पुरुष कम्पाउंड टीम स्पर्धा में पुरुष टीम ने स्वर्ण पर निशाना साधा. तृषा देब ने व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य जीतने के साथ महिला कम्पाउंड टीम को कांस्य पदक दिलाया.

भारत को तैराकी में कांस्य, रोविंग में तीन कांस्य, वुशु में दो कांस्य और बैडमिंटन में एक कांस्य पदक मिला.