दिल्ली की बागडोर अब एलजी के हाथ में

RSTV Bureau
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में सरकार गठन से संबंधित अहम फाइल बिना किसी टिप्पणी के लौटा दी है.

जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति के यहां से बुधवार को दिल्ली में सरकार गठन से संम्बधित फाइल बिना किसी टिप्पणी के उपराज्यपाल नवीब जंग के पास भेज दी गई है. इसके बाद अब दिल्ली में सत्ता के भविष्य का फैसला उपराज्यपाल के हाथों में आ गया है.

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने यह अहम फाइल बिना केंद्र सरकार के सलाह मशविरा के उपराज्यपाल के पास लौटा दी है.

दिल्ली में 49 दिन की केजरीवाल सरकार के पतन के बाद से  अब तक कोई भी राजनीतिक दल नई सरकार बना पाने की दावेदारी पेश नहीं कर सका है क्योंकि बहुमत का आकड़ा किसी भी पार्टी के झोले में नहीं है.

हालांकि इस बीच बीजेपी द्वारा दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर कई खबरें आईं लेकिन अब भी दिल्ली में पिछले कई महीनों से राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है.

राष्ट्रपति द्वारा लिए गए इस कदम का जहां बीजेपी ने स्वागत किया है तो वहीं आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर दिल्ली में चुनाव ना होने देने का आरोप लगाया है.

राष्ट्रपति के इस क़दम का स्वागत करते हुए भाजपा के राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि भाजपा पहले से ग़लत तरीकों से सरकार बनाने के प्रयासों का विरोध करती आई है इसलिए राष्ट्रपति ने अगर चीज़ों को तय करने का ज़िम्मा एलजी को सौंपा है तो इसको स्वीकार करना चाहिए.

वहीं आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा और केंद्र सरकार दिल्ली में चुनाव करवाने से डर रहे हैं इसीलिए चुनावों को टालने की कोशिश की जा रही है. राज्य से यह राजनीतिक संकट जल्द से जल्द समाप्त हो, यह बहुत ज़रूरी है.

आम आदमी पार्टी ने कहा कि जब दिल्ली का भविष्य एलजी के विवेकाधीन है तो उन्हें सरकार गठन की अस्वस्थ कोशिशों की गुजाइश को खत्म करते हुए राज्य में चुनावों का रास्ता खोल देना चाहिए.