ए बी बर्धन पंचतत्व में विलीन, अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग

RSTV Bureau
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता ए बी बर्धन का अंतिम संस्कार सोमवार को दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया गया. उनकी अंतिम यात्रा में वामदलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत चाहने वालों की भारी भीड़ उमड़ी.

इससे पहले सीपीआई मुख्यालय अजय भवन में ए बी बर्धन के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने विभिन्न दलों के नेता पहुंचे. उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के अलावा सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी भी शामिल थे.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत अनेक दलों के नेताओं ने कॉमरेड बर्धन के निधन पर शोक जताया. 92 साल की उम्र में उनका शनिवार रात निधन हो गया था.

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लंबे समय से बीमार चल रहे बर्धन दिल्ली में सीपीआई मुख्यालय में रहते थे. 7 दिसंबर को उन्हें बेचैनी महसूस होने के बाद दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर और निदेशक डॉक्टर विनोद पुरी ने बताया कि शनिवार रात आठ बजकर 20 मिनट पर उनका निधन हुआ. उन्हें मस्तिष्क की धमनी में अवरोध के कारण मस्तिष्काघात हुआ था. नागपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहीं उनकी पत्नी का 1986 में निधन हो गया था। बर्धन के परिवार में उनका बेटा अशोक और बेटी अल्का हैं.

ए बी बर्धन का जन्म 25 सितंबर 1924 को हुआ था. 15 साल की उम्र में उन्होंने छात्र राजनीति की दुनिया में कदम रखा. वो मजदूर संगठन आंदोलन और महाराष्ट्र में वामपंथी राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 1957 में वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए थे. बाद में वो ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस यानी एटक के महासचिव बने. एटक देश का सबसे पुराना मजदूर संगठन है. ए बी बर्धन 1990 के दशक में दिल्ली आए और सीपीआई के उप महासचिव बने. उन्हें 1996 में इंद्रजीत गुप्ता की जगह पार्टी का महासचिव बनाया गया.