अमित शाह की नई टीम का ऐलान, यंग बीजेपी को तरजीह

RSTV Bureau

amit_shahभारतीय जनत पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी नई टीम का एलान किया गया.  इस टीम में जहां कुछ नए चेहरों को जगह दी गई है वहीं दूसरी ओर कुछ पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता भी दिखाया गया है.

अमित शाह की टीम में 11 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव और 14 सचिव शामिल हैं, इसके अलावा पार्टी ने 10 नए प्रवक्ताओं की सूची भी जारी की है.

भाजपा की टीम में जे पी नड्डा, राम माधव और राजीव प्रताव रूडी को महासचिव का पद दिया गया है जबकि पार्टी महासचिव रहे वरूण गांधी को इस बार टीम से बाहर रखा गया है.

अमित शाह के भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद से लगातार भाजपा पदाधिकारियों के नामों की अटकलें लगाई जा रही थी. ऐसे में पार्टी की ओर नई टीम का घोषणा की गई है. भाजपा ने नड्डा और रूडी के अलावा राम माधव, मुरलीधर राव, सरोज पांडे, भूपेंद्र यादव, रामशंकर कठेरिया, रामलाल को पार्टी महासचिव का पद दिया है.

अमित शाह की टीम में मुख्तार अब्बास नक़वी, बंडारू दत्तात्रेय, सत्यपाल मलिक, पुरुषोत्तम रुपाला, प्रभात झा, रघुवार दास, किरण माहेश्वरी, विनय सहस्त्रबुद्धे, रेणु देवी, दिनेश शर्मा और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस येदियुरप्पा को पार्टी उपाध्यक्ष का पद दिया है.

पार्टी की से सचिव पद के लिए 14 लोगों के नाम की घोषणा की गई है इसमें अनिल जैन, सिद्धार्थ नाथ सिंह, श्रीकांत शर्मा, श्याम जाजू, पूनम महाजन और रजनीश कुमार का नाम शामिल है.

भागलपुर से लोकसभा चुनाव हार चुके शहनवाज हुसैन पार्टी प्रवक्ता बने रहेंगे. भाजपा  प्रवक्ताओं की सूची में नलिन कोहली, विजय सोनकर शास्त्री, संबित पात्रा, जीवीएल नरसिम्हा राव, नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद मीनाक्षी लेखी और पत्रकारिता से राजनीति में आए एमजे अकबर का नाम भी शामिल है.

भाजपा की ओर से विभिन्न मोर्चा के अध्यक्षों का एलान भी किया गया है. इसमें युवा मोर्चा के अध्यक्ष के तौर पर हमीरपुर से लोकसभा सासंद अनुराग ठाकुर पद पर बने हुए हैं. महिला मोर्चा अध्यक्ष का पद औरंगाबाद की पूर्व मेयर विजय राहटकर को दिया गया है.

अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष दुष्यंत सिंह गौतम और अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते को बनाया गया. अब्दुल रसीद अंसारी पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के बागडोर संभालेंगे.

संगठन और  चुनाव प्रबंधन के बाजीगर माने जाने वाले अमित शाह ने अपनी टीम का गठन राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया है. ऐसा माना जाता है कि शाह पारंपरिक तौर-तरीकों से अलग टीम का चुनाव अपनी जरूरत और रणनीति के हिसाब से करते हैं.