सेंसेक्स 19 महीने के निचले स्तर पर; चीन की चिंता में लुढ़का बाजार

RSTV Bureau

SAHRE-MARKET-BSEघरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला नहीं थम रहा है. बीएसई का सेंसेक्स गुरुवार को 554 अंक लुढ़क गया. शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी दिन से कमजोरी का रुख है और ये अब तक कुल 1309 अंक गिर चुका है. सेंसेक्स ने गुरुवार को 25 हजार का स्तर भी तोड़ दिया और ये 554.50 अंक गिरकर 24 हजार 851.30 के स्तर पर बंद हुआ. कारोबार खत्म होने तक बीएसई सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरकर बंद हुए. दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 25 हजार 230 के ऊपरी और 24 हजार 826 के निचले स्तर को छुआ. सेंसेक्स और निफ्टी का 19 महीने में ये सबसे निचला स्तर है. इससे पहले 4 जून, 2014 को शेयर बाजार 24 हजार 806 के स्तर पर बंद हुआ था.

एनएसई के निफ्टी में भी गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. 173 अंक लुढ़ककर निफ्टी 7 हजार 568 के स्तर पर बंद हुआ. इस तरह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए. यही बुरा हाल बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक का भी रहा. मझौले शेयरों का मिडकैप सूचकांक 2.61 फीसदी और छोटे शेयरों वाला स्मॉलकैप सूचकांक 2.87 फीसदी लुढ़क कर बंद हुआ.

जानकारों के मुताबिक घरेलू शेयर बाजार में इस गिरावट के पीछ़े बड़ी वजह चीन के शेयर बाजारों में कोहराम मचना भी है. चीन के शेयर बाजार गुरुवार को कारोबार शुरू होने के आधे घंटे से भी कम समय में बंद हो गए. उसके शेयरों में सात फीसदी से ज्यादा गिरावट आई जिसकी वजह से सर्किट ब्रेकर लागू हो गया. शंघाई शेयर बाजार में कारोबार थमने के वक्त शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 246 अंक गिरकर 3 हजार 116 अंक के स्तर पर था. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीन की मुद्रा युआन के अवमूल्यन से शेयरों में ये गिरावट आई है. चीन के केन्द्रीय बैंक ने युआन की केन्द्रीय दर को अमेरिकी डॉलर के सामने 0.51 फीसदी कम कर इसे 6.5646 युआन प्रति डॉलर कर दिया। मार्च 2011 के बाद अमेरिकी डॉलर के सामने युआन की ये सबसे कम विनिमय दर है. दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की आर्थिक रफ्तार सुस्त होने से कारोबारियों की चिंता बढ़ी है.