वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पेश किया आम बजट

RSTV Bureau

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्तीय वर्ष 2014-15 का आम बजट गुरुवार को लोक सभा में पेश किया. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में आर्थिक दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछली सरकार के द्वारा कई अहम मुद्दों पर निर्णय लेने में देरी की गई जिसके चलते आर्थिक विकास की गति प्रभावित हुई.

नरेंद्र मोदी सरकार का पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के अभी 45 दिन ही हुए हैं और हम अर्थव्यवस्था की गाड़ी को फिर से रफ्तार देने की दिशा में क़दम बढ़ाएंगे.

वित्त मंत्री ने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है. उन्होंने कहा कि यह एनडीए का पहला बजट है और महंगाई पर लगाम लगाना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

उन्होंने कहा कि देश में गरीबों के कल्याण के लिए काफी काम किए जाने की ज़रूरत है. साथ ही उन्होंने विकास दर को दोहरे अंक में लाने के लक्ष्य की तरफ भी इशारा किया.

वित्त मंत्री ने कहा कि बीते कुछ सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की ख़राब हालत का असर भारत की अर्थ्व्यवस्था पर भी पड़ा है.

इराक़ में मौजूदा आर्थिक संकट का ज़िक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा भारत में तेल की कीमतों में इज़ाफा हुआ जिससे महंगाई का ग्राफ बढ़ा.

बजट में आयकर दाताओं को थोड़ी राहत दी गई है. सरकार ने टैक्स सीमा में छूट की घोषणा करते हुए ढाई लाख रुपये तक की आय को कर में छूट दी है. ये सीमा पूर्व में 2 लाख तक थी.

बुज़ुर्गों की आयकर टैक्स सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है. वहीं होम लोन के 2 लाख रूपये तक के ब्याज पर कर छूट दी गई जो फिलहाल 1.5 लाख रुपये है.

इसके अलावा सेक्शन 80 सी के तहत निवेश पर मिलने वाली कर छूट की सीमा एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दी गई है.

बजट पेश करने से पहले गुरुवार सुबह अरुण जेटली ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाक़ात की और उन्हें बजट के बारे में बताया.

अरुण जेटली इसके बाद सुबह 10 बजे संसद भवन पहुंचे जहाँ 11 बजे से वो अपना बजट भाषण शुरू किया.

बजट भाषण से पहले कैबिनेट की बैठक में वित्तमंत्री ने बजट के बारे में मंत्रियों को अवगत कराया और कैबिनेट की मंजूरी ली.

लोकसभा में बजट भाषण के बाद दोपहर डेढ़ बजे बजट को राज्यसभा में पेश किया गया.