सम-विषम योजना का ट्रायल रन, एक जनवरी से पूरी दिल्ली में लागू

RSTV Bureau

delhi-odd-evenदिल्ली में प्रदूषण कम करने की मुहिम में अरविंद केजरीवाल सरकार की महत्वाकांक्षी सम-विषम योजना एक जनवरी से शुरू हो रही है। इस योजना का गुरुवार को परीक्षण किया गया। ये ट्रायल रन सुबह 9 से 11 बजे के बीच होना था लेकिन इसमें थोड़ी देरी हुई। दिल्ली सरकार ने राजधानी में 200 मुख्य जगहों पर इस योजना का परीक्षण किया। इसमें दिल्ली परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने हिस्सा लिया।

शुरुआती तौर पर एक जनवरी से पंद्रह जनवरी तक लागू होने वाली इस योजना में किसी तरह की परेशानी न आए इसलिए ये ट्रायल रन किया गया। गुरुवार को परीक्षण के दौरान नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान नहीं था लेकिन शुक्रवार से नियम का उल्लंघन करने वाले को दो हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है।

इस नियम में सम और विषम नंबरप्लेट वाले वाहनों को एक-एक दिन छोड़कर चलाने की योजना है। ये नियम सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू होगा। जबकि रविवार को ये लागू नहीं होगा। एनसीआर और दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली सभी निजी कारों पर भी सम-विषम फॉर्मूला लागू होगा। अकेली महिला या 12 साल की उम्र तक के बच्चों के साथ जा रही किसी महिला की कार को इस योजना से छूट दी गई है। वहीं चिकित्सीय आपात स्थितियों के मामलों को विश्वास के आधार पर देखा जाएगा। नियम से छूट पाने वाले वाहनों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश, केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के अलावा बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के वाहन शामिल हैं। सीएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों समेत दोपहिया वाहन इस योजना में शामिल नहीं किए गए हैं। साथ ही आपात स्थिति में काम आने वाले वाहनों और प्रवर्तन से जुड़े वाहनों को भी इस नियम के दायरे से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक स्कूल में बच्चों को शपथ दिलाई कि वो अपने घरवालों और रिश्तेदारों को इस नियम का पालन करने के लिए मनाएंगे।

इस बीच केंद्र सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली और तीन पड़ोसी राज्यों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय ने वायु प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को निर्देश जारी किए हैं। इनमें वाहनों, उद्योगों और निर्माण गतिविधियों से होने वाला प्रदूषण रोकने के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि चारों राज्यों के लिए इन नियमों का पालन तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनवरी में नए अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को अधिसूचित किया जाएगा।

इस साल दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर लोगों को स्वस्थ पर्यावरण में जीने का अधिकार देने के लिए न्यायपालिका ने भी कड़ा रुख अपनाया। दिल्ली हाई कोर्ट ने तो ये तक कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहना गैस चैम्बर में रहने जैसा है। वहीं राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने इन मुद्दों से कड़ाई से निपटते हुए कई कड़े निर्देश पारित किए।