फ़ुटबॉल विश्वकप का आग़ाज़, जश्न में डूबा ब्राज़ील

RSTV Bureau

football_maradonaफ़ीफ़ा विश्वकप का आग़ाज़ गुरुवार की रात रंगारंग कार्यक्रम के साथ ब्राज़ील और क्रोएशिया के मैच के साथ होगा.

पांच बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर चुका ब्राज़ील पूरे मज़बूत इरादे के साथ विश्व कप का आग़ाज़ करना चाहेगा.

फ़ुटबॉल के इस जश्न को देखने के लिए दुनियाभर से लाखों लोग ब्राज़ील पहुंच चुके है.

अगले 42 दिन तक दुनिया को अपने आग़ोश में लेने का माद्दा रखने वाले फ़ीफ़ा विश्व कप के इस महाकुंभ में दुनिया के 32 देश शामिल होंगे.

नियम के मुताबिक क्वॉलिफाइंग राउंड में योग्यता के मयार पर खरी उतरने वाली टीमों को ही विश्वकप में खेलने का मौका मिलता है.

दुनिया भर के कुल 204 देशों ने फ़ुटबॉल के इस महाकुंभ में शिरकत करने की कोशिश की थी लेकिन केवल 32 टीमें ही योग्य पाई गई.

फ़ीफ़ा फ़ुटबॉल विश्वकप 12 जून से 13 जुलाई के दौरान खेला जाएगा जिसमें 32 टीमों के बीच कुल 64 मुक़ाबले होंगे.

विश्वकप के यह सारे मुक़ाबले ब्राजील के 12 प्रमुख शहरों में खेले जाएंगे. वर्ष 2014 के इस विश्वकप में 32 टीमों को आठ ग्रुपों में बांटा गया है जिसमें हर ग्रुप में चार-चार टीमों को रखा गया है. प्रत्येक ग्रुप में हर टीम आपस में तीन-तीन मैच खेलेगी.

ग्रुपवार टीमें कुछ इस प्रकार है-

Group A Group B Group C Group D
Brazil Spain Colombia Uruguay
Croatia Netherlands Greece Costa Rica
Mexico Chile Côte d’Ivoire England
Cameroon Australia Japan Italy

 

Group E Group F Group G Group H
Switzerland Argentina Germany Belgium
Ecuador Bosnia and Herzegovina Portugal Algeria
France Iran Ghana Russia
Honduras Nigeria USA Korea Republic

वैसे तो कई टीमों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है लेकिन स्पेन, ब्राज़ील, अर्जेंटीना और जर्मनी को ही प्रबल दावेदार माना जा रहा है. विश्वकप का यह खिताब किसके नाम जाएगा, ब्राजील की बादशाहत किसके हक़ में जाएगी, इसका फैसला 13 जुलाई को ही होगा.

हालांकि भारत विश्वकप की क्वालिफ़ाइंग टीम नहीं है लेकिन फ़ुटबॉल प्रेम यहाँ भी लोगों के सिर चढ़कर बोलता है. कोलकाता से लेकर कश्मीर और कन्याकुमारी तक भारत में फ़ुटबॉल प्रेमियों की तादाद करोड़ों में है.

भारत में विश्वकप को लेकर तरह-तरह की तैयारियां और जोश देखने को मिल रहा है.

विरोध भी जारी

ब्राजील के साओ पाओलो शहर के मेट्रो कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से अपनी मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि यदि प्रदर्शन नहीं रुका तो यातायात व्यवस्था अराजक स्थिति में पहुंच जाएगी जिसका सीधा असर विश्वकप पर पड़ेगा.

ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ़ ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विश्वकप के दौरान किसी भी तरह की हिंसक घटनाओं का बर्दाशत नहीं किया जाएगा.

राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ़ ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह लोगों पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने देंगी, सरकार विश्वकप के दौरान लोगों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेती है.

विश्वकप के दौरान हर तरह की बाधाओं से बचने के लिए सरकार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती भी करेगी.

ब्राजील के खेलमंत्री एल्डो रेबेलो ने कहा कि कुछ हताश लोग विश्वकप के ख़िलाफ़ अभियान चला रहे है लेकिन इससे आयोजन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

ग़ौरतलब है कि लोगों के पुनर्वास और विस्थापन को लेकर भी कई मानवाधिकार संगठनों ने इस दौरान प्रदर्शन किया है और कहा है कि ग़रीबों की जीविका की क़ीमत पर विश्वकप का आयोजन ग़लत है.