हॉकी में 4-2 से जीता भारत, 16 साल बाद स्वर्ण पदक

Anugrah Mishra

Ind_pakएशियन खेलों में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हॉकी के फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को पेनल्टी शूट में 4-2 से शिकस्त दी.

भारत ने पाकिस्तान को हराकर 16 साल बाद एशियाड में स्वर्ण पदक जीता. इस जीत के साथ भारतीय हॉकी टीम को 2016 के रियो ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिल गया है.

फाइनल मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद रिज़वान सीनियर ने तीसरे मिनट में ही गोल दागकर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी.

जिसके बाद भारतीय टीम ने लगातार बराबरी करने के प्रयास किए. हालांकि भारत को सफलता 27वें मिनट में मिली, जब भारत की ओर से कोठाजीत सिंह ने गोल कर स्कोर को 1-1 से बराबर किया.

भारतीय टीम ने मैच में कई बढ़िया मौके गंवाए. पहले हाफ में भारत को 4 मौके मिले जिनमें से भारत सिर्फ एक मौके को भुनाने में सफल रहा. भारत पहले हाफ में एक पेनल्टी कोर्नर को भी गोल में तब्दील करने से चूक गया.

दूसरे हाफ में दोनों ही टीमों ने एक-दूसरे को जमकर छकाया लेकिन कोई भी टीम गेंद को गोल पोस्ट में नहीं डाल सकी.

मैच अपने निर्धारित समय में 1-1 से बराबरी पर छूट गया जिसके बाद पेनल्टी शूट आउट के जरिए मैच का नतीजा मिल सका.

भारत और पाकिस्तान 32 साल बाद फाइलन मुकाबले में आमने-सामने थे. इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियाड में पाकिस्तान ने भारत को उसके घरेलू मैदान पर ही 7-1 से करारी पटखनी दी थी.

1998 के बैंकॉक एशियाड में भारत ने दक्षिण कोरिया को भी पेनल्टी शूट आउट में 4-2 से हराकर आख़िरी बार स्वर्ण पदक जीता था.

पेनल्टी शूट आउट में दोनों टीमों की ओर से रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. भारत की ओर से आकाशदीप सिंह, रुपिंदर पाल सिंह, वीरेंद्र लाकड़ा और धरमवीर ने गोल दागे. पाकिस्तान की ओर से सिर्फ वकास अहमद और शफकत रसूल ही गोल करने में सफल रहे.

मैच के पेनल्टी शूट आउट में जाने के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी टीम के गोल कीपर श्रीजेश ने निभाई. टीम के उपकप्तान और गोलकीपर पी एस श्रीजेश ने अपना बेहतरीन खेल दिखाया. पेनल्टी शूट आउट में श्रीजेश ने दो गोल बचाते हुए भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम योगदान दिया.