सरकार बदली है, सहयोग और नीति नहीं: नरेंद्र मोदी

RSTV Bureau

modi_bhutan300अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान भूटान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए भारत हमेशा से प्रतिबद्ध है.

हिमालयी देशों की यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भूटान को यह आश्वासन दिया कि सरकार बदलने से भारत और भूटान के रिश्तो में कोई बदलाव नही आएगा.

अपने हिंदी में दिए गए भाषण में नरेंद्र मोदी ने कहा कि यदि भारत प्रगति करता है तो इसका सीधा असर पड़ोसी मुल्कों के विकास पर ही पड़ेगा.

भूटान में सात वर्षों के राजतंत्र से लोकतंत्र की सफ़ल यात्रा की नरेंद्र मोदी ने सराहना भी की और कहा कि लोकतंत्र की तरफ भूटान की अग्रसरता उसके शासन प्रणाली की परिपक्वता को दर्शाता है. प्रधानमंत्री बनने के बाद यह नरेंद्र मोदी की पहली विदेश यात्रा है.

भारत और भूटान के बेहतर रिश्तों को याद दिलाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार दो पड़ोसियों के बीच बेहतर संबंध को मज़बूत बनाने की दिशा में काम करेगी.

आतंकवाद को एक विभाजनकारी स्थिति और उसके सापेक्ष पर्यटन को परस्पर जोड़ने वाली नीति बताते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि भूटान के पास पर्यटन क्षेत्र में व्यापक संभावनाए हैं.

प्रधानमंत्री के कहा कि पर्यटन के विकास के लिए ज़्यादा पूंजी की ज़रुरत नही होती, लेकिन पर्यटन के मार्फ़त ज़्यादा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है जिससे ग़रीब आदमी को भी लाभ पहुंचता है.

हिमालय को दोनों देशों की साझी विरासत बताते हुए प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के विकास पर ज़ोर दिया और कहा कि भारत भविष्य में हिमालयी अध्ययन के लिए एक विश्वविद्यालय खोलने की योजना बना रहा है.

नरेन्द्र मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे को पिछले माह दिल्ली में आयोजित अपने शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया.

बी फॉर बी

भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्येल वांग्चुक और शेरिंग तोबगे से चर्चा करते हुए मोदी ने रविवार को दोनो तरफ से संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता जताई थी. मोदी ने इसे -बी 4 बी- यानी ‘भारत फॉर भूटान और भूटान फॉर भारत’ के रूप में परिभाषित किया था.

नरेंद्र मोदी ने भूटान के लिए भारत की ओर से विकास सहयोग के तहत बनाए गए उच्चतम न्यायालय कॉम्पेलक्स का उद्घाटन भी किया. बातचीत के मार्फ़त मोदी ने भूटान को यक़ीन दिलाया कि दिल्ली में सरकार बेशक बदल गई हो लेकिन भारत उसकी खुशियों और तरक्क़ी के लिए प्रतिबद्ध है.

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे की तरफ़ से रविवार को विशेष रात्रि भोज का आयोजन किया गया. मोदी ने दोनों मुल्कों के बीच बेहतर पारंपरिक संबंधों का उल्लेख करते हुए भारत और भूटान को “एक दूसरे के लिए बना हुआ” बताया.

मोदी के साथ इस दो दिवसीय हिमालयी यात्रा पर विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश सचिव सुजाता सिंह भी हैं.

प्रधानमंत्री ने आज 600 मेगावॉट खोलोंगचु बिजली परियोजना की आधारशिला भी रखी.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत भूटान के 20 राज्यों में एक ई-लाइब्रेरी की स्थापना करना चाहता है जिससे देश के युवाओं की पहुंच 20 मिलियन किताबों तक हो सके.