भारतीय नौसेना में शामिल किया गया आईएनएस कोलकाता

RSTV Bureau

modi_navyप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी तकनीक से बना देश का सबसे बड़ा युद्धपोत आईएनएस कोलकाता राष्ट्र के नाम समर्पित किया. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि इस युद्धपोत से सेना का मनोबल बढ़ेगा.

उन्होंने कहा कि अगर आपके पास ताकत है तो कोई आपको आंख नहीं दिखा सकता. प्रधानमंत्री ने युद्धपोत को देश की निर्माण क्षमता का परिचायक बताते हुए कहा कि सिर्फ बाहुबल से देश की रक्षा संभव नहीं है बल्कि इसके लिए बुद्धिबल भी जरूरी है.

मुबंई के मंझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड में तैयार आईएनएस कोलकाता को प्रधानमंत्री ने देश के इंजीनियरों, तकनीशियनों और सुरक्षा विशेषज्ञों की बौद्धिक क्षमता का नमूना बताया. प्रधानमंत्री ने मुबंई के मंझगांव डॉकयार्ड से नौसेना के सैनिकों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.

आईएनएस कोलकाता देश में बनकर तैयार हुआ सबसे बड़ा युद्धपोत है. तकरीबन 68 हज़ार टन वजनी इस युद्धपत की लंबाई 164 मीटर और चौड़ाई 18 मीटर है. देश के किसी युद्धपोत में पहली बार थ्री डी रडार का इस्तेमाल किया गया है. युद्धपोत बह्मोस मिसाइल, 76 एमएम गन, दो रॉकेट लॉन्चर, एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक हथियारों से लैस है.

26 हज़ार करोड़ की लागत से बने आईएनएस कोलकाता को साल 2010 में ही नौसेना में शामिल किया जाना था लेकिन तकनीकी समस्याओं के चलते ऐसा मुमकिन नहीं हो सका. युद्धपोत के परीक्षण के दौरान हुए हादसे में नौसेना के एक जवान की मौत भी हो गई थी.

आईएनएस कोलकाता अपनी श्रेणी का पहला युद्धपोत है, आगे इस श्रेणी में दो अन्य युद्धपोतों को शामिल किए जाने की योजना है जिसमें आईएनएस चेन्नई और आईएनएस कोच्चि शामिल है. इस युद्धपोत में करीब 300 जवान तैनात रहेंगे.

मुबंई के मंझगांव डॉकयार्ड पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री अरुण जेटली महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर के धवन भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री ने इससे पहले कार्यभाल संभालने के ठीक बाद जून में आईएनएस विक्रमादित्य को देश के नाम समर्पित किया था.

प्रधानमंत्री शनिवार को अपने एक दिन के महाराष्ट्र दौरे पर हैं. यहां प्रधानमंत्री कुछ अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया, जिसमें सड़क और बंदरगाह से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं.

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नवीं मुबंई में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट में स्पेशन इकनॉमी जोन (SEZ) की आधारशिला रखी. 277 हेक्टेयर में फैले इस क्षेत्र में सरकारी और निजी क्षेत्र की ओर से करीब 4000 करोड़ का निवेश किया जाएगा.

नरेंद्र मोदी ने जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट में ही बंदरगाहों से जोड़ने वाली हाईवे परियोजनाओं की भी शुरुआत की. इस परियोजना में करीब 1,927 करोड़ की लागत आएगी, जिसके 2017 तक पूरा होने की उम्मीद है.

प्रधानमंत्री ने अपने महाराष्ट्र दौरे पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या नौ के पुणे-सोलापुर खंड की चार लेन वाली परियोजना का भी उद्घाटन किया. इसके अलावा उन्होंने राजमार्ग-9 के सोलापुर-महाराष्ट्र/कर्नाटक सीमा खंड को चार लेन में बदलने की भी आधारशिला रखी.

दो महीने में नरेंद्र मोदी का ये दूसरा महाराष्ट्र दौरा है, पिछले ही महीने उन्होंने मुंबई के भाभा परमाणु अनुसंधान का भी दौरा किया था. महाराष्ट्र में इसी साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं इसके मद्देनज़र प्रधानमंत्री के दौरे को विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है.