इराक़ः हालात चिंताजनक, भारतीय नागरिक भी फंसे

RSTV Bureau

iraq_rebelsइराक़ में दिन-ब-दिन बिगड़ते हालात और फैलती अराजकता के कारण वहां की स्थितियां और दुरूह होती जा रही हैं और इराक़ में रह रहे भारतीय लोग भी इससे प्रभावित हुए हैं.

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अक़बरुद्दीन ने बुधवार को बताया कि इराक़ के हिंसाग्रस्त इलाक़ों में 40 भारतीय फंस गए हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. इस पूरे मसले को देखते हुए भारत ने इराक़ में सेवारत रहे अपने पूर्व राजदूत सुरेश रेड्डी को बग़दाद स्थित भारतीय मिशन को और प्रभावी बनाने के लिए वहां भेजने का फ़ैसला किया है.

यह पूछे जाने पर कि क्या फंसे हुए भारतीय लोगों अपहरण हो गया है, सैय्यद अक़बरुद्दीन ने कहा इस बारे में अभी हम कुछ कह नहीं सकते. फिलहाल उन लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है लेकिन इसको अभी अपहरण मान लेना जल्दबाज़ी होगा.

अक़बरुद्दीन ने बताया कि सुरेश रेड्डी को बग़दाद भेजा जा रहा है और वहां भारतीय मिशन हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहा है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि इराक़ में अभी तक किसी भी भारतीय को निशाना बनाए जाने या किसी घटना, हिंसा की चपेट में आने की ख़बर सामने नहीं आई है. हालांकि उन्होंने स्वीकारा कि कुछ भारतीय लोग इस हिंसात्मक लड़ाई में फंस गए है.

इराक़ की ओर से भी अभी तक किसी भी हिंसात्मक घटना में किसी भारतीय के मारे जाने या हताहत होने की कोई ख़बर नहीं है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय दूतावास के आग्रह पर “इंटरनेशनल रेड क्रीसेंट” ने तिकरित में फंसी 46 भारतीय नर्सों से संपर्क कर उन्हें सहायता प्रदान की है.

ख़बर हैं कि विद्रोहियों ने तिकरित और मोसिन, दोनों शहरों पर अपना कब्ज़ा जमा लिया है.

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के प्रति बढ़ती चिंता को देखते हुए भारत और इराक़, दोनों देशों ने लोगों को सूचना देने के लिए कंट्रोल रुम बनाया है. कंट्रोल रूम के नंबर इस प्रकार हैं–

बग़दाद – +964 770 484 3247, + 964 770 444 4899
भारत – +91 11 2301 2113, 2301 7905, 2301 4104

भारत सरकार ने इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भारत आंतकवाद के ख़िलाफ़ इस जंग में इराक़ी सरकार और वहाँ की जनता के साथ है.